हरिद्वार। जनपद में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि जिस अस्पताल में बच्ची का जन्म दिखाकर प्रमाण पत्र बनवाया गया, वह अस्पताल उस समय अस्तित्व में ही नहीं था। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला विकासखंड बहादराबाद क्षेत्र का है। जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने बताया कि गलत तरीके से जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई, जिसमें गंभीर अनियमितता सामने आई।

आवेदन देकर बनवाया गया ऑनलाइन प्रमाण पत्र
जांच में सामने आया कि शाहीन पत्नी उस्मान और उस्मान पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी पावधोई, राम रहीम कॉलोनी ज्वालापुर ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को आवेदन दिया था। आवेदन में बताया गया था कि उनकी पुत्री अक्षा का जन्म 1 मार्च 2008 को जया मैक्सवेल हॉस्पिटल, अतमलपुर बोंगला में हुआ था।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र खो गया है और आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए उन्हें बारकोड वाला ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र चाहिए।
आवेदन के साथ उन्होंने वर्ष 2009 में जारी हस्तनिर्मित जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति के साथ अपने आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र की प्रतियां भी संलग्न की थीं। प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने 18 फरवरी 2026 को सीआरएस पोर्टल पर अक्षा का जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी कर दिया।
जांच में खुली फर्जीवाड़े की पोल
कुछ दिनों बाद एक व्यक्ति ने संबंधित अधिकारी को सूचना दी कि प्रस्तुत किया गया जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है। इसके बाद मामले की जांच की गई।
जांच में पाया गया कि जिस जया मैक्सवेल हॉस्पिटल, अतमलपुर बोंगला में बच्ची का जन्म दिखाया गया है, वह अस्पताल वर्ष 2008 में बना ही नहीं था। जांच के अनुसार यह अस्पताल वर्ष 2015 में अस्तित्व में आया।
इससे स्पष्ट हुआ कि पहले प्रस्तुत किया गया जन्म प्रमाण पत्र फर्जी था और उसी के आधार पर ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया गया।
मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि शाहीन और उस्मान सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना कर सरकारी अभिलेख तैयार करने, फर्जी साक्ष्य बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी धाराओं में तत्काल पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाए।
इसके साथ ही धोखाधड़ी से जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
इस संबंध में बहादराबाद थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि गलत तरीके से जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने के मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि जनपद में किसी भी प्रकार के फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।