अगस्त्यमुनि विवाद: गेट तोड़ने पर 52 लोगों पर FIR, गुंडा एक्ट की तैयारी.

रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में धार्मिक आस्था और प्रशासन के बीच हुए संघर्ष ने अब कानूनी रूप ले लिया है। अगस्त्यमुनि महाराज की डोली यात्रा के दौरान स्टेडियम का गेट तोड़ने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्रशासन ने त्रिभुवन चौहान समेत 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ‘गुंडा एक्ट’ के तहत भी कार्रवाई करने की बात कही है।

यह पूरा मामला अगस्त्यमुनि मंदिर और वहां के खेल मैदान से जुड़ा है:
ग्रामीणों का पक्ष: ग्रामीणों का कहना है कि यह खेल मैदान दशकों से मुनि महाराज की संपत्ति है। वे यहां प्रशासन द्वारा बनाए जा रहे स्टेडियम का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इससे स्थानीय लोगों के अधिकार छिन जाएंगे।
प्रशासन का पक्ष: प्रशासन के अनुसार, यह भूमि 2004 में तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा खेल विभाग को हस्तांतरित की गई थी और यहां वैधानिक रूप से निर्माण कार्य चल रहा है।
14 जनवरी (मकर संक्रांति): डोली को खेल मैदान स्थित गद्दीस्थल पर जाना था, लेकिन गोल गेट छोटा होने के कारण डोली प्रवेश नहीं कर सकी। ग्रामीणों ने गेट हटाने की मांग को लेकर 5 घंटे तक केदारनाथ हाईवे जाम रखा, लेकिन मांग पूरी न होने पर डोली वापस मंदिर लौट गई।15 जनवरी (गुरुवार): अगले दिन डोली पुनः प्रस्थान करती है। गेट न हटाए जाने से नाराज भक्तों ने दोपहर 12:15 बजे गेट तोड़ना शुरू किया। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद शाम 4 बजे भीड़ ने गेट तोड़ दिया।
डीएम प्रतीक जैन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अधिकारियों से अभद्रता और हाईवे जाम करने के आरोप में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
धारा 127, 191(2), 61, 285 लोक संपत्ति नुकसानी निवारण अधिनियम (Prevention of Damage to Public Property Act)
डीएम प्रतीक जैन का बयान: “धार्मिक भावनाओं की आड़ में कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं और अराजकता फैला रहे हैं। जिन लोगों ने गेट तोड़ा है, उनके खिलाफ गुंडा एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस ने जिन प्रमुख लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, उनमें शामिल हैं:
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त्रिभुवन चौहान (सामाजिक कार्यकर्ता, देवर, गुप्तकाशी)
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अनिल बैजवाल (नाकोट, अगस्त्यमुनि)
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राजेश बैजवाल (नाकोट, अगस्त्यमुनि)
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योगेश बैजवाल (नाकोट, अगस्त्यमुनि)
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शेखर नौटियाल (सिल्ला बामण गांव)
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भानु चमोला (तिलवाड़ा)
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मिथुन सब्जी वाला (अगस्त्यमुनि)
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मकर लाल (फलई)
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हैप्पी असवाल (तिलवाड़ा)
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विपिन रावत और केशव अग्रवाल (जखन्याल गांव)
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प्रियांशु मोहन (तिलवाड़ा)
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तथा 40 अन्य अज्ञात लोग।