उत्तराखंडदेहरादून

राजधानी में गरमाया आंदोलन: मांगों को लेकर राज्य आंदोलनकारियों का सचिवालय कूच, पुलिस से तीखी झड़प.

देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों का धैर्य बुधवार को जवाब दे गया। लंबित मांगों और चिन्हीकरण की प्रक्रिया में हो रही देरी से आक्रोशित राज्य आंदोलनकारी मंच ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सचिवालय कूच किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भारी धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।

​गांधी पार्क से शुरू हुआ आक्रोश का पैदल मार्च

​बुधवार सुबह से ही प्रदेशभर के आंदोलनकारी राजधानी के गांधी पार्क में एकत्रित होने शुरू हुए। यहाँ एक जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। इसके पश्चात, आंदोलनकारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर पैदल मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और सुभाष रोड पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया।

​चिन्हीकरण और आरक्षण पर सरकार को घेरा

​राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने शासन के ढुलमुल रवैये पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:

​”शासन की हीलाहवाली के कारण पांच महीने बीतने के बाद भी चिन्हीकरण का समाधान नहीं निकल पाया है। 13 जिलों में यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप है और प्रत्येक जिला प्रशासन मनमाने मानक तय कर रहा है।”

​प्रमुख मांगें जो लंबे समय से हैं लंबित:

​10% क्षैतिज आरक्षण: उत्तीर्ण बेरोजगार आंदोलनकारियों को तत्काल नियुक्तियां दी जाएं।

​चिन्हीकरण प्रक्रिया: 2011 के बाद से रुकी हुई चिन्हीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पुनर्जीवित किया जाए।

​उम्र सीमा: चिन्हीकरण के लिए तय की गई उम्र सीमा में ढील दी जाए।

​मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल

​प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि पिछले 5 वर्षों से वे मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। प्रवक्ता कुकरेती ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि सरकार के पास ‘द केरला स्टोरी 2’ जैसी फिल्में देखने का समय है, लेकिन जिन लोगों ने इस राज्य को बनाया, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!