
देहरादून, 04 फरवरी: प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने महानिदेशक कृषि एवं उद्यान वंदना सिंह से विभागीय कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन जानकारी प्राप्त की।
समीक्षा बैठक में मंत्री गणेश जोशी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध प्रगति और जमीनी स्तर पर सशक्त मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा।
कृषि मंत्री ने नेचुरल फार्मिंग और मिलेट्स मिशन को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए इनके व्यापक प्रचार–प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को इन योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि प्रदेश में जैविक और पारंपरिक खेती को बढ़ावा मिल सके।
बैठक के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने चौबटिया स्थित अनुसंधान केंद्र को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। साथ ही, उत्तराखंड में विलुप्त होती माल्टा की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के प्रयासों को गति देने के निर्देश भी दिए, ताकि राज्य की परंपरागत कृषि–बागवानी विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।
इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रदेश में टेस्टिंग लैब और इंटीग्रेटेड पैक हाउस निर्माण से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा–निर्देश दिए। उनका कहना था कि इन सुविधाओं के विकसित होने से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और उनके उत्पादों के मूल्य संवर्धन में भी मदद मिलेगी।
मंत्री गणेश जोशी ने महानिदेशक कृषि एवं उद्यान को निर्देशित किया कि हाल ही में घोषित केंद्रीय बजट के अनुरूप राज्य स्तर पर ठोस, व्यावहारिक और दूरदर्शी प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन इस प्रकार किया जाए कि अधिकतम लाभ प्रदेश के किसानों, बागवानों और अन्य लाभार्थियों तक पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित समीक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपेक्षा भी व्यक्त की, ताकि कृषि और उद्यान क्षेत्र में उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सके।