हरिद्वार: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड़ लाने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने आज (16 दिसंबर) हरिद्वार की रोशनाबाद कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कथित ‘वीआईपी’ के नाम का खुलासा करने का दावा करने वाली उर्मिला ने जांच के लिहाज से सबसे अहम सबूत माने जा रहे अपने मोबाइल फोन को न्यायालय के सुपुर्द कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी आवाज के नमूने (Voice Sample) भी जांच एजेंसी को दिए।

मोबाइल में कैद हैं अहम राज? उर्मिला सनावर का दावा है कि कोर्ट में जमा कराए गए मोबाइल में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कई अहम साक्ष्य मौजूद हैं। इसी मोबाइल में वह ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित होने की बात कही जा रही है, जिसके वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था। इस ऑडियो में पूर्व विधायक सुरेश राठौर के साथ बातचीत और कथित वीआईपी का जिक्र होने का दावा किया गया था। न्यायालय में पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उर्मिला के साथ स्वामी दर्शन भारती भी कोर्ट पहुंचे। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर आरके सकलानी समेत कई पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
पूर्व विधायक सुरेश राठौर नहीं हुए पेश इस मामले में ज्वालापुर से पूर्व विधायक और बीजेपी से निष्कासित नेता सुरेश राठौर को भी कोर्ट में पेश होना था। हालांकि, खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सके। बता दें कि उर्मिला सनावर खुद को सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं और उन्होंने ही वह विवादित ऑडियो-वीडियो जारी किया था, जिसने 3 साल से ठंडे पड़े इस केस में फिर से आग लगा दी थी।
‘जब तक वीआईपी बेनकाब नहीं, तब तक न्याय अधूरा’ कोर्ट की कार्यवाही के बाद मीडिया से बात करते हुए उर्मिला सनावर ने कहा कि उनकी लड़ाई अंकिता भंडारी को पूरा न्याय दिलाने की है। उन्होंने कहा, “मैंने वह डिवाइस कोर्ट में जमा कर दी है जिसमें केस से जुड़े साक्ष्य हैं। मैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताती हूं कि उन्होंने सीबीआई जांच की सिफारिश की, लेकिन अंकिता को अभी सिर्फ आधा न्याय मिला है।”
उर्मिला ने जोर देकर कहा, “पूरा न्याय तब मिलेगा जब उस ‘वीआईपी’ का नाम पूरे उत्तराखंड की जनता के सामने आएगा। जब वह चेहरा बेनकाब होगा, तभी अंकिता की आत्मा को सही मायने में शांति मिलेगी। मुझे उम्मीद है कि जनता मेरा साथ देगी।”
केस का बैकग्राउंड गौरतलब है कि उर्मिला सनावर द्वारा जारी किए गए ऑडियो और वीडियो के बाद अंकिता भंडारी केस में सियासी भूचाल आ गया था। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों के भारी दबाव के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के परिजनों से मुलाकात कर इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है। अब सबकी निगाहें कोर्ट में जमा कराए गए मोबाइल और फॉरेंसिक जांच पर टिकी हैं कि क्या इससे उस ‘वीआईपी’ का नाम सामने आ पाएगा जिसका इंतजार पूरा उत्तराखंड कर रहा है।