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देहरादून में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल — जिला प्रशासन ने लॉन्च की “फ्री सखी कैब” सुविधा, जल्द जुड़ेंगे 6 और ईवी वाहन

देहरादून, 15 अक्टूबर 2025: मुख्यमंत्री की प्रेरणा से जिला प्रशासन देहरादून के “प्रोजेक्ट ऑटोमेटेड पार्किंग” के तहत आज दो ‘फ्री सखी कैब’ ईवी वाहन जनसेवा को समर्पित किए गए। यह पहल शहर में सुगम और सुरक्षित यातायात प्रबंधन के साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राज्य की पहली महिला स्वयं सहायता समूह संचालित ऑटोमेटेड पार्किंग

देहरादून की यह ऑटोमेटेड पार्किंग उत्तराखंड की पहली ऐसी सुविधा है जिसका संचालन महिला स्वयं सहायता समूह (कृष्णा समूह, विकासनगर) द्वारा किया जा रहा है।

वर्तमान में पार्किंग से समूह को ₹29,120 की दैनिक आय हो रही है, जो लगातार बढ़ रही है।

अब इस पार्किंग को और सशक्त बनाने के लिए इसमें “सखी शटल सेवा” को जोड़ा गया है, जो पार्किंग से शहर के प्रमुख स्थानों तक लोगों को निःशुल्क ड्रॉप सुविधा देगी।

‘फ्री सखी कैब’ – निःशुल्क शटल सेवा की शुरुआत

जिला प्रशासन द्वारा दो टाटा पंच ईवी वाहन ‘फ्री सखी कैब’ के रूप में लॉन्च किए गए हैं।

इन वाहनों के माध्यम से परेड ग्राउंड ऑटोमेटेड पार्किंग में अपने वाहन पार्क करने वाले नागरिकों को 5 किमी दायरे में निःशुल्क ड्रॉप और पिकअप सेवा दी जाएगी।

जल्द ही 6 अतिरिक्त सखी ईवी वाहन जोड़े जाएंगे।

शटल वाहनों के संचालन के लिए 05 प्रमुख स्टॉप चिन्हित किए गए हैं —

परेड ग्राउंड, गांधी पार्क, पल्टन बाजार, घंटाघर, राजपुर रोड (कांग्रेस भवन से एस्लेहॉल तक)।

सड़क किनारे पार्किंग पर सख्त कार्रवाई

अब सुभाष रोड, गांधी पार्क, एस्लेहॉल, घंटाघर और तिब्बती मार्केट रोड पर अवैध रूप से खड़े वाहनों पर क्रेन द्वारा सीज कार्रवाई की जाएगी।

पिछले एक माह से इस कार्य के लिए समर्पित क्रेन टीम तैनात की गई है।

प्रशासन का उद्देश्य है — शहर को जाममुक्त बनाना और नागरिकों को पार्किंग की आधुनिक, सुरक्षित सुविधा देना।

261 वाहनों की क्षमता वाले तीन ऑटोमेटेड पार्किंग प्रोजेक्ट

जिला प्रशासन द्वारा शहर में तीन नई ऑटोमेटेड पार्किंग सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं —

परेड ग्राउंड (111 वाहन क्षमता)

तिब्बती मार्केट (132 वाहन क्षमता)

कोरोनेशन अस्पताल (18 वाहन क्षमता)

कुल 261 वाहनों की पार्किंग क्षमता वाले ये प्रोजेक्ट जल्द ही मुख्यमंत्री द्वारा जनता को समर्पित किए जाएंगे।

जिलाधिकारी बोले — “महिला सशक्तिकरण और स्मार्ट सिटी का संगम”

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विकसित यह पार्किंग व्यवस्था पारंपरिक निर्माण की तुलना में तीन गुना सस्ती और तेजी से तैयार हुई है।

उन्होंने कहा, “फ्री सखी कैब का उद्देश्य नागरिकों को सुविधा देना और महिला समूहों को आजीविका के नए अवसर प्रदान करना है।”

विधायक और महापौर ने की पहल की सराहना

विधायक खजानदास और महापौर सौरभ थपलियाल ने हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में प्रशासन की सार्थक पहल है।

स्वयं सहायता समूह के लिए आजीविका का नया अवसर

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत गठित कृष्णा स्वयं सहायता समूह द्वारा पार्किंग का संचालन किया जा रहा है।

इससे समूह की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है और सदस्य “लखपति दीदी” बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

महापौर सौरभ थपलियाल, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह, सीडीओ अभिनव शाह, एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह, डीटीओ दीपक सैनी, निदेशक ग्राम्य विकास विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार और कृष्णा महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं उपस्थित रहीं।

 

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