उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा में पीआरडी जवानों के लिए जिला प्रशासन की विशेष पहल, हर सुविधा निशुल्क

उत्तराखंड की सबसे दुर्गम धार्मिक यात्रा  केदारनाथ धाम को सुगम और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभा रहे पीआरडी जवानों के लिए इस बार जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने सराहनीय कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार के नेतृत्व में पीआरडी जवानों के लिए कई महत्वपूर्ण और मानवीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे न केवल बेहतर कार्य कर पा रहे हैं बल्कि उन्हें आर्थिक बोझ से भी राहत मिली है।

 

 

जवानों के लिए 20 लाख का दुर्घटना बीमा और निशुल्क राशन

यात्रा के दौरान ड्यूटी कर रहे सभी पीआरडी जवानों का 20 लाख रुपए का निःशुल्क दुर्घटना बीमा प्रशासन द्वारा कराया गया है। साथ ही, उन्हें ड्यूटी के दौरान हर 15 दिन में उच्च गुणवत्ता का राशन भी निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

कपड़े, जूते और रहने की व्यवस्था भी बेहतर

मौसम की अनिश्चितता और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जवानों को लिबर्टी कंपनी के ट्रैकिंग शूज़, मौजे, मफलर, टोपी, रेनकोट, फर्स्ट एड किट और रस्सियों से लैस किया गया है। साथ ही उनके आराम के लिए गद्दे, रजाई और नए कंबल भी दिए गए हैं।

 

 

रात्रि ड्यूटी के लिए नाइट विजन और रेस्क्यू उपकरण

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने जानकारी दी कि पीआरडी जवानों को रेस्क्यू के लिए उच्च गुणवत्ता के स्ट्रेचर, नाइट विजन के लिए एलईडी और फोकस लाइट, और जरूरी बचाव उपकरण मुहैया कराए गए हैं।

 

हर मोर्चे पर सक्रिय, पुलिस का भी सहयोग

300 से अधिक पीआरडी जवान इस बार केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 24/7 तैनात हैं। इनमें से करीब 120 से 150 जवान पुलिस विभाग के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। ये जवान म्यूल टास्क फोर्स, यात्रा मैनेजमेंट फोर्स और डी.डी.आर.एफ जैसी टीमों के साथ काम कर रहे हैं।

यात्रा का अदृश्य आधार हैं ये जवान

प्रांतीय रक्षक दल के ये युवा स्वयंसेवक केदारनाथ यात्रा के स्नायु तंत्र की तरह हैं, जो हर परिस्थिति में यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाए रखने में जुटे रहते हैं। प्रशासन की यह पहल जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उनकी सेवाओं को सम्मान देने का प्रयास भी है।

यात्रा में जुटे एक पीआरडी जवान ने कहा, “प्रशासन ने हमारे लिए जो सुविधाएं दी हैं, उससे हम पूरे समर्पण और बिना किसी चिंता के अपनी ड्यूटी निभा पा रहे हैं। ये हमारे लिए किसी सम्मान से कम नहीं।”

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