उत्तराखंडचमोली

बदरीनाथ धाम यात्रा 2025: कपाट बंद होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में

बदरीनाथ धाम, 24 नवंबर: बदरीनाथ धाम में कपाट बंद होने की पारंपरिक प्रक्रिया के अंतर्गत पंचपूजा 21 नवंबर से शुरू हो चुकी है। परंपरा के अनुसार सोमवार को चौथे दिन माता लक्ष्मी मंदिर में कढ़ाई भोग लगाया गया और माता लक्ष्मी को बदरीनाथ मंदिर में आने का आमंत्रण दिया गया।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर कपाट बंद की तैयारियों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कपाट बंद होने से पूर्व मंदिर को 12 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है और यह कार्य अंतिम चरण में है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों का आगमन भी जारी है। सोमवार को भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री अजेय कुमार ने भी बदरीनाथ धाम में दर्शन किए।

माता लक्ष्मी मंदिर में हुए पूजन-अर्चन एवं आमंत्रण कार्यक्रम में रावल अमरनाथ नंबूदरी, माता लक्ष्मी मंदिर के पुजारी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट और अमित बंदोलिया शामिल रहे।

इस कार्यक्रम में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, कार्याधिकारी/कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल सहित बीकेटीसी सदस्य महेंद्र शर्मा, देवीप्रसाद देवली, धीरज मोनू पंचभैया, प्रह्लाद पुष्पवान, दिनेश डोभाल, राजेंद्र प्रसाद डिमरी, नीलम पुरी, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़, विकास सनवाल आदि उपस्थित रहे।

मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ के अनुसार, 25 नवंबर अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे, और 26 नवंबर को देवडोलिया पांडुकेश्वर प्रस्थान करेगी।

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