
उत्तर प्रदेश: खनन विभाग की सख्ती के बीच सोनभद्र में डोलो स्टोन गिट्टी के अवैध परिवहन का एक बड़ा मामला सामने आया है। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर गिट्टी का परिवहन किए जाने पर खनन विभाग ने तीन क्रशर संचालकों समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ रॉबर्ट्सगंज कोतवाली* में मुकदमा दर्ज कराया है।
जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
खनन विभाग के ज्येष्ठ खान अधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पाया कि सीतापुर से जारी परमिट पर गाजीपुर को निर्गमन स्थल दिखाया गया था, जो पूरी तरह फर्जी और भ्रामक था। इससे साफ होता है कि खनिज परिवहन के लिए गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।
आरोपियों में कई नामचीन शामिल
मामले में जिन प्रमुख लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें शामिल हैं:
– प्रशांत सिंह (ओम बाबा क्रशर)
– अरविंद मौर्य (मौर्य स्टोन वर्क्स)
– प्रेमनाथ यादव
– सुबोध पाठक
– एसएन मिश्रा
इनके अलावा कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
खनन विभाग ने जताई सख्ती की मंशा
खनन विभाग का कहना है कि खनिज माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जिन लोगों ने भी फर्जीवाड़े में शामिल होकर नियमों का उल्लंघन किया है, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच में हो सकते हैं और नाम उजागर
पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त जांच में जल्द ही और नाम सामने आने की संभावना है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।