
देहरादून: पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को उत्तराखंड समेत पूरे देश में बैंककर्मियों ने हड़ताल की। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर हुई इस अखिल भारतीय हड़ताल का प्रदेशभर में व्यापक असर देखने को मिला। हड़ताल के चलते उत्तराखंड में एक ही दिन में लगभग आठ हजार करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
सुबह करीब दस बजे विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी देहरादून के एस्ले हॉल स्थित सेंट्रल बैंक के पास एकत्र हुए। यहां से उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घंटाघर तक रैली निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।
इस हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। कुल मिलाकर बैंककर्मियों की नौ प्रमुख यूनियनों ने हड़ताल में भाग लिया, जिससे प्रदेश के अधिकांश बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट, ऋण स्वीकृति और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। इससे आम ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों, उद्यमियों और सरकारी कार्यालयों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बैंककर्मियों का कहना है कि उनकी मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, कर्मचारियों की कमी दूर करना, सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण पर रोक और सेवा शर्तों में सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आगे भी आंदोलन तेज किया जा सकता है।