देहरादून: उत्तराखंड में युवाओं के बीच कोडीन युक्त सिरप और अन्य मनःप्रभावी (Psychotropic) दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग पर नकेल कसने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्त कदम उठाए हैं। राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत प्रदेशभर में अवैध दवा कारोबारियों और मेडिकल स्टोरों पर सघन छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में देहरादून में दो दवा प्रतिष्ठानों को सील किया गया है, जबकि हरिद्वार में एक एजेंसी का स्टॉक रोक दिया गया है और उधम सिंह नगर में नोटिस चस्पा कर कार्रवाई की गई है।

पारदर्शिता के लिए ‘क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट’ जांच व्यवस्था लागू FDA आयुक्त सचिन कुर्वे ने विभागीय अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर अवैध दवा कारोबार पर लगाम लगाने की रणनीति तैयार की है। कार्रवाई में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण व्यवस्था’ (Cross-District Inspection) लागू की गई है और 3 विशेष टीमें गठित की गई हैं। इसके तहत:
-
देहरादून में तैनात औषधि निरीक्षक हरिद्वार में कार्रवाई करेंगे।
-
हरिद्वार के अधिकारी देहरादून में छापेमारी करेंगे।
-
नैनीताल में तैनात निरीक्षकों को उधम सिंह नगर का जिम्मा सौंपा गया है।
कहाँ-कहाँ हुई कार्रवाई? विभाग को मिल रही गुप्त सूचनाओं और शिकायतों के आधार पर अलग-अलग जिलों में औचक निरीक्षण किया गया:
-
देहरादून (दो प्रतिष्ठान सील): हर्रावाला क्षेत्र में स्थित ‘मिस्टिक फार्मा हेल्थ केयर’ (Mystic Pharma Healthcare) और ‘ट्रस्ट वे फार्मास्युटिकल’ (Trust Way Pharmaceutical) का सघन निरीक्षण किया गया। भारी अनियमितताएं पाए जाने पर टीम ने तत्काल प्रभाव से दोनों प्रतिष्ठानों को सील कर दिया और उनकी चाबियां संबंधित थाने के सुपुर्द कर दी हैं। आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
-
हरिद्वार (स्टॉक रोका गया): सलेमपुर (बहादराबाद) स्थित ‘एनिमेट्स लाइफ साइंस प्रा. लि.’ (Animets Life Sciences Pvt Ltd) में चेकिंग के दौरान नियमों का घोर उल्लंघन पाया गया। टीम ने फॉर्म 15 के तहत औषधियों के पूरे स्टॉक को रोक दिया है और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
-
उधम सिंह नगर (नोटिस चस्पा): रुद्रपुर स्थित ‘फ्यूटेक फार्मास्युटिकल प्रा. लि.’ (Futec Pharmaceuticals Pvt Ltd) पर जब टीम छापेमारी करने पहुंची, तो प्रतिष्ठान बंद मिला। अधिकारियों ने औषधि अधिनियम के तहत शटर पर नोटिस चस्पा कर दिया है और मालिक को सख्त निर्देश दिए हैं कि दुकान अब केवल जांच टीम की मौजूदगी में ही खोली जाए।
‘युवाओं को नशे से बचाना प्राथमिकता, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा’ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त सचिन कुर्वे ने स्पष्ट किया कि कोडीन सिरप और नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक गंभीर सामाजिक चुनौती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर अवैध भंडारण, बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के बिक्री या रिकॉर्ड में हेरफेर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मिलीभगत पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
वहीं, अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि सभी औषधि निरीक्षकों को लगातार औचक निरीक्षण करने और हर कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोषियों पर विधिसम्मत और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।