देहरादून

प्रेमनगर: बॉयज पीजी के बाहर फायरिंग मामले में 24 घंटे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक छात्र गिरफ्तार

प्रेमनगर/देहरादून: गंगोत्री बॉयज हॉस्टल के बाहर हुई फायरिंग की गंभीर घटना में देहरादून पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के अंदर मामले का खुलासा कर दिया है और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी वेद भारद्वाज प्रेमनगर स्थित एक विश्वविद्यालय में बी-फार्मा तृतीय वर्ष का छात्र है, जिसने छात्रों के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद के कारण प्रतिद्वंद्वी गुट को डराने की नीयत से यह घटना को अंजाम दिया था।

घटना की शुरुआत 24 अगस्त 2025 की सुबह हुई जब थाना प्रेमनगर को सूचना मिली कि गंगोत्री बॉयज हॉस्टल के सामने दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फायरिंग की गई है। सूचना पर तत्काल थानाध्यक्ष प्रेमनगर अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और पीजी के संचालक साहिल ग्रेवाल से पूछताछ की गई। जांच में पता चला कि हॉस्टल में रहने वाले वैभव तिवारी का विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था और घटना के समय वह हॉस्टल में मौजूद नहीं था।

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रेमनगर में चार अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गईं। पुलिस टीमों द्वारा सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से अवलोकन किया गया और विश्वविद्यालय के छात्रों से गहन पूछताछ की गई। जांच के दौरान घटना में शामिल दो छात्रों की पहचान हुई, लेकिन दोनों घटना के बाद से ही अपने घरों से फरार चल रहे थे और उनके मोबाइल फोन भी बंद थे।

पुलिस की लगातार कोशिशों के परिणामस्वरूप मुख्य आरोपी वेद भारद्वाज को फन एंड फूड मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से एक अवैध देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। आरोपी वेद भारद्वाज पुत्र राम शरण भारद्वाज, निवासी फालेन, थाना कौशिकला, जनपद मथुरा, उत्तर प्रदेश का 21 वर्षीय युवक है।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि विश्वविद्यालय में छात्रों के दो अलग-अलग गुट हैं। एक गुट में वेद भारद्वाज के साथ विपुल पवार और अन्य लड़के हैं, जबकि दूसरे गुट में वैभव तिवारी और अन्य छात्र शामिल हैं। गर्मियों की छुट्टियों से पहले दोनों पक्षों का कॉलेज में अन्य छात्रों पर प्रभाव जमाने को लेकर विवाद हुआ था। नए सत्र की शुरुआत से ही दोनों गुट एक-दूसरे पर अपना वर्चस्व दिखाने की होड़ में लगे हुए थे, जिसके कारण आरोपी ने दूसरे गुट के छात्रों को डराने की नीयत से रात में हॉस्टल के बाहर फायरिंग की।

पुलिस ने हॉस्टल संचालक साहिल ग्रेवाल की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा संख्या 140/2025 धारा 109/351(3) बीएनएस एवं धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। छात्र के विरुद्ध कार्रवाई हेतु पुलिस द्वारा संबंधित विश्वविद्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है। पूछताछ में कुछ अन्य आरोपी छात्रों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयासरत हैं।

इस ऑपरेशन में उप निरीक्षक प्रवीण सैनी, चौकी प्रभारी विधोली, उप निरीक्षक अमित शर्मा, चौकी प्रभारी झाझरा, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र, कांस्टेबल रवि शंकर, कांस्टेबल जसवीर और कांस्टेबल रॉबिन की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह घटना छात्रों के बीच बढ़ते गुटबाजी की समस्या को उजागर करती है और शिक्षण संस्थानों में अनुशासन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

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