
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार 19 अगस्त को होने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के चुनाव से पहले अपने सांसदों को तीन-लाइन व्हिप जारी किया है. पार्टी ने अपने सभी सांसदों से कहा है कि वे संविधान सदन में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक होने वाले ओबीसी समिति चुनाव में उपस्थित रहें और अपना वोट डालें.
बीजेपी का निर्देश
पार्टी ने कहा है कि मतदान संविधान सदन के कक्ष संख्या 63 में होगा। राज्यसभा के सभी बीजेपी सांसदों से आग्रह किया गया है कि वे समय पर उपस्थित हों और कक्ष के बाहर बैठे कर्मचारियों से प्राप्त नमूना मतपत्र के अनुसार निर्धारित प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए वोट डालें।
BJP has issued a three-line whip for the OBC committee election. The party has directed all MPs to be present.
Voting for election to the Committee on Welfare of Other Backward Classes (OBC) will be held on Tuesday, the 19th August, 2025, from 11.00 am to 2.00 pm in Room no. 63,… pic.twitter.com/EUV0eufwYI
— ANI (@ANI) August 18, 2025
ओबीसी समिति का इतिहास
अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण संबंधी समिति का गठन पहली बार 2012 में किया गया था. 21 दिसंबर, 2011 को तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद अस्तित्व में आया.
पंद्रहवीं लोकसभा के भंग होने से पहले, समिति ने दो वर्षों (2012-13 और 2013-14) तक कार्य किया. सोलहवीं लोकसभा के दौरान, समिति का गठन 2014-15, 2015-16, 2016-17 और 2018-19 के कार्यकाल के लिए किया गया था.
सत्रहवीं लोकसभा के दौरान, समिति का गठन 2020-21 के लिए नहीं किया गया था. यह 2019-20, 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के कार्यकाल के लिए कार्य किया.
अठारहवीं लोकसभा के दौरान, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा 28 जून, 2024 को लोकसभा में पेश किए गए एक प्रस्ताव को अपनाने के परिणामस्वरूप फिर से समिति का गठन किया गया.
समिति की जिम्मेदारियां
ओबीसी कल्याण समिति को कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें मुख्यतः—
-
केंद्र सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग, विशेषकर अति पिछड़ा वर्ग, को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए उठाए गए कदमों की जांच।
-
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सांविधिक व अर्ध-सरकारी निकायों और संघ शासित प्रदेशों की नियुक्तियों में ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कराना।
-
संविधान के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए, ओबीसी कल्याण से जुड़ी नीतियों की समीक्षा।