बजट 2026 भारत बनेगा ‘ग्लोबल मै6:न्युफैक्चरिंग हब’; वित्त मंत्री का 6 सूत्रीय मास्टरप्लान, स्वास्थ्य से लेकर सेमीकंडक्टर तक बड़े ऐलान.

नई दिल्ली (1 फरवरी 2026): वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने का खाका खींचा। सरकार ने इस बार “ग्रोथ-लेड डेवलपमेंट” (विकास आधारित प्रगति) पर जोर देते हुए 6 सूत्रीय रोडमैप पेश किया है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और एमएसएमई (MSME) को अर्थव्यवस्था का इंजन माना गया है।
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विकास के 6 प्रमुख स्तंभ वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य तेज और समावेशी विकास है। इसके लिए इन 6 क्षेत्रों में ठोस कदम उठाए जाएंगे:
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मैन्युफैक्चरिंग: रणनीतिक और उभरते सेक्टरों (जैसे सेमीकंडक्टर, हेल्थ) में विस्तार।
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उद्योग पुनर्जीवन: पुराने और पारंपरिक उद्योगों को नई तकनीक से जोड़ना।
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MSME: छोटे उद्योगों को मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाना।
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इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़क, रेलवे और लॉजिस्टिक्स को नई रफ्तार देना।
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शहरी विकास: ‘सिटी इकोनॉमिक रीजन’ का निर्माण।
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आर्थिक सुरक्षा: दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना।
‘बायोफार्मा शक्ति’: स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹10,000 करोड़ बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी योजना ‘बायोफार्मा शक्ति’ का ऐलान किया गया है।
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निवेश: अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश।
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लक्ष्य: कैंसर, डायबिटीज और ऑटोइम्यून जैसी बीमारियों के लिए ‘बायोलॉजिक दवाओं’ और बायोसिमिलर का घरेलू उत्पादन बढ़ाना।
सेमीकंडक्टर और केमिकल्स में आत्मनिर्भरता
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इलेक्ट्रॉनिक्स: सेमीकंडक्टर उपकरणों के निर्माण और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा।
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केमिकल्स: आयात कम करने के लिए क्लस्टर मॉडल पर 3 विशेष केमिकल पार्क स्थापित किए जाएंगे।
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कैपिटल गुड्स: हाई-टेक कंपोनेंट्स अब देश में ही बनेंगे।
MSME बनेंगे ‘चैंपियन’ वित्त मंत्री ने छोटे उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्हें ‘ग्लोबल चैंपियन’ बनाने के लिए वित्तीय सहायता, आसान तकनीक और बाजार तक सीधी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाकर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।