नैनीताल पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हल्द्वानी के कुख्यात आईटीआई गैंग का सफाया, चारों आरोपी गिरफ्तार

नैनीताल: एसएसपी नैनीताल प्रह्लाद मीणा आईपीएस के सख्त निर्देशों और पुलिस की त्वरित कार्रवाही से हल्द्वानी का कुख्यात आईटीआई गैंग पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। जनता में दहशत फैलाने वाले इस गैंग के सभी चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसमें गैंगलीडर भी शामिल है। यह गिरफ्तारी नैनीताल पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इसके साथ ही मारपीट, डराने-धमकाने, फायरिंग, चाकूबाजी और लूट के खेल को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य गैंगलीडर देवेन्द्र सिंह बिष्ट पुत्र बलबीर सिंह बिष्ट है, जो गैस गोदाम छड़ायल, हल्द्वानी का निवासी है। दूसरे आरोपी आदित्य नेगी (25 वर्ष) पुत्र कुन्दन नेगी हैं, जो A-16 जज फार्म आईटीआई, हल्द्वानी में रहते हैं। तीसरे आरोपी देवेन्द्र सिंह बोरा (22 वर्ष) पुत्र गणेश सिंह बोरा हैं, जो क्लार्क इन होटल के सामने डहरिया, हल्द्वानी के निवासी हैं। चौथे और अंतिम आरोपी नवीन सिंह मेहरा (21 वर्ष) पुत्र सुरेश सिंह मेहरा हैं, जो मूल रूप से ग्राम टुनाकोट शेरा थाना भवाली के निवासी हैं लेकिन हाल में पीलीकोठी रोड, हल्द्वानी में रह रहे थे।
पुलिस की जांच से पता चला है कि यह गैंग लंबे समय से क्षेत्र में आतंक का माहौल बनाए हुए था। गैंग के सदस्य नियमित रूप से मारपीट, धमकाने, हथियारों से फायरिंग, चाकूबाजी और लूट की घटनाओं में शामिल थे। इनके आपराधिक कृत्यों से स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा की भावना फैली हुई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है और उनके लंबे आपराधिक इतिहास का पर्दाफाश किया है।
नैनीताल पुलिस की इस सफल कार्रवाही से स्थानीय जनता में राहत की लहर है। एसएसपी प्रह्लाद मीणा की कुशल नेतृत्व और पुलिस टीम की मेहनत से यह बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि गुंडागर्दी करने वाले चाहे कितने भी ताकतवर क्यों न हों, वे कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते। इस कार्रवाही के साथ ही नैनीताल जिले में कानून और व्यवस्था का राज कायम हो गया है।
यह गिरफ्तारी न केवल पुलिस की कार्यक्षमता को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि अपराधियों के लिए कानून से बचने का कोई रास्ता नहीं है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाही की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि अब वे निर्भय होकर अपना जीवन जी सकेंगे। आईटीआई गैंग के सफाए के साथ ही हल्द्वानी में शांति और सुरक्षा का माहौल बहाल हो गया है।