उत्तराखंड विधानसभा मानसून सत्र: विपक्षी हंगामे के बीच 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, धर्मांतरण कानून में कड़े प्रावधान

भराड़ीसैंण – उत्तराखंड विधानसभा के चार दिवसीय मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। विपक्ष के जोरदार हंगामे और कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बावजूद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने सत्र के पहले दिन ही अहम निर्णय लिए हैं।
मंगलवार शाम चार बजे मुख्यमंत्री धामी ने हंगामे के बीच सदन में 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट 2025-26 पेश किया। इस बजट में विकास कार्यों के लिए पूंजीगत मद में 3163.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आपदा राहत कार्यों के लिए 264.94 करोड़ रुपये और आगामी कुंभ मेले के आयोजन के लिए 200 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। राजस्व मद के लिए 2152.37 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है।
धामी सरकार ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध संशोधन विधेयक पेश करके धर्मांतरण कानून को और भी सख्त बना दिया है। नए संशोधन के तहत अब डिजिटल माध्यमों से धर्म परिवर्तन कराने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
संशोधित कानून के अनुसार उपहार देना, पारितोषिक, आसान धन की व्यवस्था, भौतिक लाभ का प्रलोभन, विवाह का झूठा वादा, बेहतर जीवनशैली का आश्वासन और एक धर्म का दूसरे धर्म के विरुद्ध महिमामंडन करना भी अपराध की श्रेणी में आएगा। यह कानून धर्म परिवर्तन की गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया है।
भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में मंगलवार से शुरू हुए सत्र के पहले दिन से ही विपक्षी दलों ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया है। इसके कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के हंगामे के बावजूद सरकार ने अनुपूरक बजट के साथ-साथ नौ अन्य विधेयक भी सदन में पेश किए।