
लोहाघाट/चंपावत (9 फरवरी 2026): चंपावत जिले के लोहाघाट स्थित रामलीला मैदान रविवार को भगवामय हो गया। यहाँ सकल हिंदू समाज की ओर से आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ में हजारों की संख्या में लोग उमड़े। इस महासम्मेलन में संतों और वक्ताओं ने हिंदू समाज को संगठित होकर अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों की रक्षा के लिए आगे आने का जोरदार आह्वान किया।

संस्कारों से ही बचेगा राष्ट्र: वतन (RSS प्रचारक) सम्मेलन के मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पिथौरागढ़ विभाग प्रचारक वतन ने हिंदुत्व को केवल धर्म नहीं, बल्कि एक जीवन पद्धति बताया। अभिभावकों से अपील: उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बचपन से ही बच्चों में संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभावना का बीजारोपण करें। उन्होंने कहा, “समाज को अपनी जड़ों से जुड़े रहना होगा, तभी आने वाली पीढ़ी सशक्त और जागरूक बन सकेगी।”
संतों का सानिध्य और मार्गदर्शन कार्यक्रम की अध्यक्षता तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित शांभवी मुरारी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे महंत स्वामी धर्मराजानंदपुरी महाराज और महामंडलेश्वर श्री 108 हेमानंद पशुपति महाराज (पशुपति अखाड़ा) ने अपने आशीर्वचन में कहा कि आज के दौर में हिंदू एकता समय की मांग है।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां सम्मेलन में केवल भाषण ही नहीं, बल्कि संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति और सनातन संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। रामलीला मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक सुनील चौबे, सह-संयोजक अमित साह व अमित जुकरिया रहे, जबकि संचालन दीपक जोशी ने किया। आयोजकों ने संकल्प लिया कि हिंदू समाज को संगठित करने के लिए ऐसे आयोजन भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे (भोजन व्यवस्था) का भी आयोजन किया गया।