उत्तराखंड

चारधाम यात्रा 2025 का शुभारंभ, गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुले, पीएम मोदी के नाम से हुई पहली पूजा, सीएम धामी ने किए दर्शन

चारधाम यात्रा 2025 का शुभारंभ आज अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर विधिपूर्वक हो गया। भक्तों की आस्था और उत्साह के बीच आज गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ मां गंगा और मां यमुना के दर्शन किए।

Pushkar Singh Dhami

सबसे पहले गंगोत्री धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा संपन्न की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर पहुंचकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की और देशवासियों को चारधाम यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साथ ही, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है।

सुबह 10:30 बजे अभिजीत मुहूर्त में गंगोत्री मंदिर के कपाट खोले गए, जिससे पूरे धाम क्षेत्र में “हर हर गंगे” के जयकारे गूंज उठे। मां गंगा की विग्रह डोली मंगलवार को मुखबा गांव से रवाना होकर बुधवार को गंगोत्री धाम पहुंची थी।

वहीं दूसरी ओर, यमुनोत्री धाम के कपाट भी आज श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मां यमुना की डोली आज सुबह खरसाली गांव से रवाना हुई थी और धाम पहुंचकर विधिपूर्वक पूजा के बाद 11:55 बजे कपाट खोले गए। जानकीचट्टी में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस को विशेष प्रबंध करने पड़े।

केदारनाथ धाम के कपाट दो मई को और बदरीनाथ धाम के चार मई को खुलेंगे। केदारनाथ मंदिर को सजाने का कार्य जोरों पर है।

मुख्यमंत्री धामी आज हर्षिल हेलीपैड पर पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रशासन ने यात्रा मार्ग को 15 सुपर जोन, 41 जोन और 217 सेक्टरों में विभाजित किया है। 624 सीसीटीवी कैमरे, एएसपी व डीएसपी स्तर के अधिकारी और अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियों की तैनाती से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

चारधाम यात्रा के इस शुभारंभ के साथ उत्तराखंड एक बार फिर देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन गया है। छह माह तक चलने वाली यह यात्रा न केवल धार्मिक विश्वास को दर्शाती है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक भी है।

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