सितंबर से सुचारू होगी चारधाम यात्रा: 27.5 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

देहरादून: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आश्वासन दिया है कि मानसून के समाप्त होते ही सितंबर माह से चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से सुचारू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि श्री बदरीनाथ एवं केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में आशातीत वृद्धि होने की उम्मीद है।
27.5 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि कपाट खुलने से 29 अगस्त तक श्री बदरीनाथ धाम में 12,85,296 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं जबकि केदारनाथ धाम में 14,72,385 श्रद्धालुओं ने मत्था टेका है। इस प्रकार दोनों पवित्र धामों में कुल 27,57,681 तीर्थयात्रियों ने दर्शन-पूजन किया है। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि कठिन मौसमी परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अटूट बनी हुई है।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के प्रचार-प्रसार हेतु कपाट खुलने के दौरान स्वयं धामों में उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनकी उपस्थिति से यात्रियों का मनोबल बढ़ा और प्रशासनिक व्यवस्था भी और मजबूत हुई।
बारिश का प्रभाव और प्रशासनिक मुस्तैदी
द्विवेदी ने स्वीकार किया कि वर्तमान में बरसात के मौसम में हुई अतिवृष्टि और आपदाओं का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। यात्रा मार्ग कई बार भूस्खलन से अवरुद्ध हो रहे हैं, जिससे तीर्थयात्रियों को परेशानी हो रही है। हालांकि, प्रशासन की तत्परता और मुस्तैदी से यात्रा मार्गों को तुरंत सुचारू बनाया जा रहा है।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित पुलिस प्रशासन तीर्थयात्रियों की सहायता और सुरक्षा के लिए पूरी तरह तत्पर है। इन बलों की मदद से श्री बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा तमाम अवरोधों के बावजूद निरंतर चलती रही है। आपातकालीन स्थितियों में त्वरित बचाव और राहत कार्य सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने तीर्थयात्रियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान का उचित आंकलन करके ही बरसात के दौरान यात्रा करें। उन्होंने सुझाव दिया कि श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले मौसम संबंधी जानकारी अवश्य लेनी चाहिए और सुरक्षा के नियमों का पालन करना चाहिए।
सितंबर माह में मानसून के कमजोर पड़ने के साथ ही मौसम अनुकूल होने की उम्मीद है, जिससे चारधाम यात्रा में और भी अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।