Cloud Brustथराली : बीआरओ की टीम ने खोली सड़क, मुख्यमंत्री धामी ने की स्थिति की समीक्षा

चमोली: थराली में बादल फटने से हुई तबाही के बाद राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने वाशआउट हो गई सड़क को हिल कटिंग करके आवागमन के लिए चालू कर दिया है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि हरमनी में भी जल्द सड़क खोल दी जाएगी और राहत कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में जेसीबी मशीनें पहुंचाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के जनप्रतिनिधियों से फोन पर वार्ता कर बादल फटने से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। आपदा पर गहरा दुख जताते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से राहत और बचाव कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया है। उन्होंने स्थानीय विधायक से वार्ता कर उनसे मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यों का भौतिक निरीक्षण करने की अपेक्षा की है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटी है। उन्होंने कहा, “स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और खुद स्थिति की गहन निगरानी कर रहा हूं। ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।” सांसद अनिल बलूनी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी थराली आपदा को लेकर सोशल मीडिया से हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
राहत और बचाव कार्यों में एसडीआरएफ की एक और टुकड़ी थराली के लिए रवाना हो चुकी है जबकि एनडीआरएफ के 27 जवान लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं। आईटीबीपी के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया है और मलबे में दबे पेड़ों को काटकर हटाने का काम कर रहे हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें निरंतर राहत बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
आपदा में हुए नुकसान की स्थिति गंभीर है। सागवाड़ा में लापता हुई युवती का शव बरामद कर लिया गया है। 11 लोग घायल हैं जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। गांव में बिजली और पानी की व्यवस्था बाधित है। हरमनी से थराली तक कई जगह सड़क बंद है और 15 से अधिक दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
चमोली डीएम संदीप तिवारी ने थराली तहसील में आपदा की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। इस दौरान आपदा प्रभावितों के लिए कुलसारी को ठिकाना बनाए जाने की बात की गई। प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाने में लगा हुआ है। तहसील परिसर, कुलसारी पॉलिटेक्निक आदि सुरक्षित स्थानों पर लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था की जा रही है। अस्पताल में भी पूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि किसी भी प्रकार की कोई असुविधा न हो।