
चम्पावत। जिले में संचालित आयुर्वेदिक अस्पतालों को खुद डाक्टर ही पलीता लगा रहे हैं। एक पखवाड़े के भीतर हुई छापेमारी में कई अस्पतालों की कलई खुली है। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी अब तक आधा दर्जन से अधिक डाक्टरों एवं फार्मासिस्टों को उनकी अनुपस्थिति पर नोटिस भेज चुके हैं। जिले में 21 आयुर्वेदिक अस्पताल चल रहे हैं। इनमें दिगालीचौड़, मडलक, लोहाघाट और रीठाखाल आयुष वेलनेस सेंटर के रूप में संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश अस्पतालों की व्यवस्था भगवान भरोसे है। आयुष वेलनेस सेंटरों की हालत तो और अधिक बदतर है। इन अस्पतालों के समय से नहीं खुलने, डाक्टरों के नदारद रहने और एक्सपायरी दवा दिए जाने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. गीता पुनेठा की छापेमारी में कई आयुर्वेदिक चिकित्सालयों एवं वेलनेस सेंटरों की कलई खुल गई। पिछले एक पखवाड़े से आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी की छापेमारी में अमोड़ी, जिला चिकित्सालय आयुष विंग, आयुर्वेदिक चिकित्सालय बनलेख, मडलक, पुल हिडोला में डाक्टर ड्यूटी से नदारद मिले। निरीक्षण में पाया गया कि कई अस्पताल समय पर खुले ही नहीं थे। उपस्थिति पंजिका के पन्ने भी उखड़े मिले और सफाई व्यवस्था काफी दयनीय। आयुष वेलनेस सेंटर दिगालीचौड़, मडलक, लोहाघाट, रीठाखाल की हालत भी अत्यंत खराब पाई गई। यहां योग की कक्षाएं लंबे समय से लग नहीं रही हैं। तीन दिन पूर्व नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र से लगे मडलक और पुलहिंडोला आयुष अस्पताल में तैनात दो चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट नदारद पाए गए। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने बताया कि आयुष चिकित्सालय मडलक में निरीक्षण के �