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भारत में फिर लौटा कोरोना: JN.1 वेरिएंट से बढ़ा खतरा, सरकार अलर्ट पर

कोरोना वायरस एक बार फिर भारत समेत एशिया के कई देशों में पैर पसार रहा है। हांगकांग, सिंगापुर, चीन और थाईलैंड जैसे देशों के बाद अब भारत में भी कोविड-19 के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए निगरानी और तैयारियों को तेज कर दिया है।

भारत में कहां-कहां मिले नए केस?

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 19 मई 2025 तक देश में कुल 257 सक्रिय कोविड-19 मामले दर्ज किए गए हैं। सबसे अधिक केस केरल में 95 एक्टिव मामलों के साथ सामने आए हैं। इसके अलावा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और सिक्किम जैसे राज्यों में भी नए मामलों की पुष्टि हुई है।

केरल: 69 नए मामले (कुल 95 सक्रिय)

तमिलनाडु: 34 मामले

कर्नाटक: 8 मामले

गुजरात: 6 मामले

दिल्ली: 3 मामले

हरियाणा, राजस्थान, सिक्किम: 1-1 मामला

JN.1 वेरिएंट बना चिंता का कारण

कोविड-19 मामलों में यह उछाल JN.1 वेरिएंट की वजह से देखा जा रहा है। यह वेरिएंट ओमिक्रॉन के BA.2.86 वेरिएंट का एक उप-वर्जन है और इसमें करीब 30 म्यूटेशन पाए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, इस वेरिएंट के दो अन्य रूप – LF.7 और NB.1.8 – हाल ही में सामने आए मामलों में सबसे आम पाए गए हैं।

भारत में स्थिति अभी नियंत्रण में: स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सभी मामले हल्के लक्षणों वाले हैं। किसी भी संक्रमित को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी है।

बीते सोमवार को स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ और केंद्र सरकार के अस्पतालों के विशेषज्ञ शामिल हुए थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास पहले से ही एक मजबूत रोग निगरानी प्रणाली (IDSP) और ICMR के तहत कोविड सहित अन्य वायरल बीमारियों की पहचान और नियंत्रण की व्यवस्था है। सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

एशिया में तेजी से बढ़ रहे मामले

भारत के साथ-साथ एशिया के कई अन्य देशों में भी कोविड-19 मामलों में तेजी देखी जा रही है:

सिंगापुर: 27 अप्रैल से 3 मई के बीच 14,200 अनुमानित नए मामले दर्ज हुए। यह संख्या पिछले सप्ताह के मुकाबले 28% अधिक है। अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में भी लगभग 30% की बढ़ोतरी हुई है।

हांगकांग: 3 मई को समाप्त सप्ताह में 31 गंभीर मामले सामने आए।

क्या है जनता के लिए सलाह?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी और सतर्कता जरूरी है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और कोविड जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है।

भले ही भारत में मौजूदा स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पड़ोसी देशों में कोविड मामलों की रफ्तार चिंता बढ़ाने वाली है। JN.1 वेरिएंट की मौजूदगी और इसके तेजी से फैलाव की संभावना को देखते हुए सभी राज्यों और नागरिकों को सतर्क रहना होगा।

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