यमुनोत्री धाम में संकट: यमुना नदी के अवरुद्ध प्रवाह से स्यानचट्टी डूबा, धाम का संपर्क कटा

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले में धराली की जलप्रलय और हर्षिल में भागीरथी नदी के अवरुद्ध प्रवाह से बनी कृत्रिम झील के बाद अब यमुनोत्री धाम क्षेत्र में एक नया खतरा मंडरा रहा है। यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो जाने से बनी झील में धाम का मुख्य पड़ाव स्यानचट्टी पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
इस प्राकृतिक आपदा के कारण गढ़वाल मंडल विकास निगम के होटल से लेकर स्थानीय पुलिस चौकी, इंटर कॉलेज और कई होटल व भवनों का आधा हिस्सा भी पानी में डूब गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि यमुनोत्री राजमार्ग को जोड़ने वाला एकमात्र पुल भी जलमग्न हो जाने से धाम का संपर्क तहसील और जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है।
यह स्थिति बिल्कुल वैसी ही है जैसी धराली आपदा के बाद गंगोत्री धाम के साथ हुई थी, जब गंगोत्री राजमार्ग का संपर्क गंगनानी और डबराणी से आगे पूरी तरह टूट गया था। वर्तमान में स्यानचट्टी के पास कुपड़ा गाड़ से आए भारी मलबे के कारण यमुना की धारा अवरुद्ध हो गई है, जिससे यह कृत्रिम झील बन गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मुख्य पड़ाव क्षेत्र के सभी होटल और भवनों को तुरंत खाली कराने के आदेश दिए हैं। यह घटना पहली बार नहीं है – बीते वर्ष भी इसी क्षेत्र में झील बन गई थी, जिसे काफी मशक्कत के बाद चैनलाइजेशन करके कृत्रिम झील को पंक्चर कर पानी की निकासी की गई थी।
वर्तमान में राहत और बचाव कार्य जारी है तथा प्रशासन इस कृत्रिम झील से पानी निकालने की तकनीकी योजना पर काम कर रहा है। यमुनोत्री धाम की यात्रा पूरी तरह से बाधित हो गई है और श्रद्धालुओं को वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार करना पड़ रहा है।