देहरादून/ऋषिकेश | 27 मार्च, 2026
उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एम्स (AIIMS) की एक होनहार जूनियर डॉक्टर, 23 वर्षीय डॉ. तन्वी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। घटना को बीते कई दिन हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक इस बात का पुख्ता जवाब नहीं ढूंढ पाई है कि यह आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश।
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मौत से पहले पिता से 1 घंटे लंबी बात
जांच में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, वह है डॉ. तन्वी की अपने पिता के साथ हुई आखिरी बातचीत। पुलिस की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) रिपोर्ट के अनुसार:
घटना वाली रात डॉ. तन्वी ने अपने पिता से लगभग एक घंटे तक फोन पर बात की थी।
परिजनों के मुताबिक, बातचीत के दौरान वह बिल्कुल सामान्य लग रही थी और ऐसी कोई बात नहीं हुई जिससे लगे कि वह किसी तनाव में है।
फोन कटने के कुछ ही देर बाद उसने एक ‘आखिरी मैसेज’ भेजा, जिसने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।
क्या था वो आखिरी मैसेज?
सूत्रों के अनुसार, उस अंतिम संदेश में कुछ ऐसी बातें लिखी थीं जो किसी की ओर इशारा कर रही थीं या फिर एक गहरे दुख को बयां कर रही थीं। हालांकि, पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए मैसेज की सटीक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन तन्वी के कमरे से बरामद फोन को फॉरेंसिक लैब (FSL) भेज दिया गया है।
जांच के घेरे में एम्स के साथी और सीनियर
तन्वी के पिता और परिजनों ने इसे महज एक आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि:
तन्वी पर काम का अत्यधिक दबाव था।
कैंपस में कुछ लोग उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
कमरे की स्थिति और सुसाइड नोट (यदि कोई है) की अनुपस्थिति मामले को संदिग्ध बनाती है।
पुलिस की कार्रवाई
ऋषिकेश पुलिस की टीमें एम्स के हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। साथी डॉक्टरों और स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है।
जांच अधिकारी का बयान: “हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं। पिता से हुई लंबी बातचीत और आखिरी मैसेज की टाइमलाइन को जोड़ा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी।”