
देहरादून: राजधानी देहरादून में सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक नई और सराहनीय पहल देखने को मिली है। यहाँ डोभालवाला स्थित कैप्टन प्रतीक आचार्य राजकीय इंटर कॉलेज में पहली बार स्थानीय महिलाओं द्वारा रामलीला का सफल आयोजन और मंचन किया गया। इस ऐतिहासिक पहल के लिए रविवार को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने ‘मातृशक्ति महिला रामलीला कमेटी’ की पूरी टीम को अपने शासकीय आवास पर सम्मानित किया।

शॉल ओढ़ाकर बढ़ाया मातृशक्ति का मान
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपने आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में रामलीला के सफल आयोजन से जुड़ीं सभी महिलाओं, कलाकारों और आयोजकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। मंत्री जोशी ने अपनी धर्मपत्नी निर्मला जोशी और भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी की उपस्थिति में मातृशक्ति को फूलों की माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
विलुप्त होती परंपराओं को संजीवनी दे रही महिलाएं: गणेश जोशी
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने महिलाओं के इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “वर्तमान समय में रामलीला जैसे पारंपरिक सांस्कृतिक मंचन धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहे हैं। ऐसे दौर में मातृशक्ति द्वारा इस प्रकार का आयोजन किया जाना अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायी है।”
मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह आयोजन केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य करता है और समाज में संस्कारों व मूल्यों को सुदृढ़ करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों और भारतीय संस्कृति से जुड़ी रहे।
भाजपा नेत्री नेहा जोशी ने दी बधाई
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी ने भी मातृशक्ति के इस कदम को महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
ये रहे उपस्थित
- सम्मान समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री की धर्मपत्नी निर्मला जोशी, भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, रामलीला कमेटी की अध्यक्ष लक्ष्मी मलासी, उपाध्यक्ष सुनीता जोशी, सचिव कमला देवी, सह-सचिव लक्ष्मीदत्त और मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।