
देहरादून: बच्चों के सुरक्षित भविष्य और उन्हें जोखिमपूर्ण स्थितियों से बचाने के लिए देहरादून के रायपुर ब्लॉक में एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। ‘माउंटेन चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन’ (MCF) और ‘लहर’ संस्था के संयुक्त तत्वावधान में ‘मिशन वात्सल्य’ के अंतर्गत समुदाय स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों का गठन किया जा रहा है।

यह अभियान 15 जनवरी 2026 से शुरू होकर 26 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसके तहत रायपुर ब्लॉक की 10 प्रमुख बस्तियों को कवर किया जा रहा है।
पार्षद विनोद रावत ने की समिति की घोषणा
इसी अभियान के क्रम में आज, मंगलवार (20 जनवरी 2026) को शास्त्रीनगर सीमाद्वार में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां स्थानीय पार्षद श्री विनोद रावत ने समुदाय के जिम्मेदार नागरिक के तौर पर ‘बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति’ के गठन की आधिकारिक घोषणा (Announcement) की।
क्या है समितियों का उद्देश्य?
बाल सुरक्षा कार्यक्रम की समन्वयक दीपिका पंवार ने बताया कि इन समितियों का मुख्य उद्देश्य वार्ड और बस्तियों में बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। ये समितियां परिवारों और समुदायों को बच्चों से जुड़ी गंभीर समस्याओं की पहचान करने और उनसे निपटने में सक्षम बनाएंगी।
समितियों का फोकस मुख्य रूप से इन जोखिमों पर रहेगा:
बाल विवाह (Child Marriage)
नशा और मादक पदार्थों का सेवन
बाल श्रम (Child Labor)
स्कूल ड्रॉपआउट (पढ़ाई बीच में छोड़ना)
फोन की लत (Phone Addiction)
घरेलू हिंसा
इन 10 बस्तियों में हो रहा गठन
यह अभियान रायपुर ब्लॉक की जिन 10 बस्तियों में चलाया जा रहा है, उनमें शामिल हैं- शास्त्रीनगर सीमाद्वार, टपरी बस्ती, पीर की माड़ी, गांधीग्राम, शास्त्रीनगर, कुम्हार गली, पाल बस्ती, मुस्लिम बस्ती शास्त्रीनगर, मच्छी तालाब और मुस्लिम बस्ती कांवली गांव। इन जगहों पर पार्षद, स्कूल शिक्षक या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं जैसे स्टेकहोल्डर्स द्वारा समितियों की घोषणा की जा रही है।
कार्यक्रम में संगीता रावत, तृप्ति शर्मा, दीपिका पंवार, अमित कपूर, पार्षद विनोद रावत, सुधा शर्मा, सुजाता, रीमा, जगरानी, ओमवती, चंदा, सुशीला, संजू, सुखदेव, ओमेंद्र भाटी और सीता सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।