देहरादून। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी सविन बंसल ने आंगनबाड़ी केंद्रों को आपूर्ति की जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर बड़ा एक्शन लिया। डीएम ने रुड़की के माड़ी चौक स्थित सेंट्रल गोदाम पर छापेमारी कर निरीक्षण किया। इस दौरान गोदाम में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

जिलाधिकारी को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजी जा रही सामग्री की गुणवत्ता ठीक नहीं है और इससे बच्चों तथा धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इसी को देखते हुए डीएम स्वयं रुड़की पहुंचे और गोदाम का औचक निरीक्षण किया।
गोदाम में मिले बाल श्रमिक
निरीक्षण के दौरान गोदाम में बाल श्रमिक भी कार्य करते पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए गोदाम स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल
जांच के दौरान कई खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई। खजूर और केले के चिप्स के पैकेट पर अंकित निर्माण और समाप्ति तिथि संदिग्ध मिली। कई पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तिथि का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। कुछ पैकेटों पर छपी तिथि के बजाय स्टैंप से तिथि अंकित की गई थी, जिससे सामग्री की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए।
मानकों के अनुरूप नहीं मिला गोदाम संचालन
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि गोदाम का संचालन तय मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा था। खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण के लिए तापमान बनाए रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी। साथ ही गोदाम में रखे रजिस्टर भी अद्यतन नहीं मिले और सामग्री आपूर्ति करने वाली कंपनी द्वारा जारी गुणवत्ता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं था।
पुराने अंडे और सामग्री की आपूर्ति
जांच में यह भी सामने आया कि दिसंबर और जनवरी माह के अंडे व अन्य खाद्य सामग्री मार्च में वितरित की जा रही थी। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों को भेजे जा रहे राशन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
डिस्पैच हो रहे वाहनों को रुकवाकर कराई सैंपलिंग
छापेमारी के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए रवाना हो रहे वाहनों को भी रुकवाया। इन वाहनों में टिहरी, उत्तरकाशी और डोईवाला के लिए सामग्री भेजी जानी थी। डीएम ने मौके पर ही खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच के निर्देश दिए। अंडों की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं और कहा कि बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।