देहरादून:छह साल से निष्क्रिय 11 दलों को चुनाव आयोग का नोटिस, 27 अगस्त तक मांगा जवाब

देहरादून: चुनाव आयोग ने उत्तराखंड प्रदेश में पिछले छह साल से कोई चुनावी गतिविधि न दिखाने वाले 11 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों (आरयूपीपी) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये सभी दल वर्ष 2019 से लेकर अब तक किसी भी चुनाव में भाग नहीं ले सके हैं, जिसके कारण चुनाव आयोग ने उनकी निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। आयोग ने इन दलों को 27 अगस्त 2025 तक अपना स्पष्टीकरण देने का समय दिया है, अन्यथा उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।
इससे पूर्व चुनाव आयोग पहले चरण में राज्य के छह पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों का पंजीकरण रद्द कर चुका है, जिनमें भारतीय जनक्रांति पार्टी देहरादून, हमारी जनमंच पार्टी देहरादून, मैदानी क्रांति दल देहरादून, प्रजामंडल पार्टी पौड़ी, राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी हरिद्वार और राष्ट्रीय जन सहाय दल देहरादून शामिल हैं। इन दलों के भौतिक सत्यापन के दौरान उनके कार्यालयों का कोई पता नहीं मिल पाया था, हालांकि आयोग ने उन्हें अंतिम अपील का 30 दिन का अतिरिक्त अवसर दिया है।
अब दूसरे चरण में जिन 11 दलों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें भारत कौमी दल हरिद्वार, भारत परिवार पार्टी ज्वालापुर, भारतीय मूल निवासी समाज पार्टी देहरादून, भारतीय सम्राट सुभाष सेना हरिद्वार, भारतीय अंतोदय पार्टी देहरादून, भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी देहरादून, गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट देहरादून, पीपल्स पार्टी रुड़की, प्रजातंत्र पार्टी ऑफ इंडिया रामनगर, सुराज सेवा दल हल्द्वानी और उत्तराखंड जनशक्ति पार्टी देहरादून शामिल हैं। चुनाव आयोग का यह कदम राजनैतिक दलों की वास्तविक सक्रियता सुनिश्चित करने और फर्जी या निष्क्रिय दलों की सफाई के उद्देश्य से उठाया गया है।