देहरादून: तीन माह में चार चौराहों का हुआ भव्य कायाकल्प, पहाड़ी शैली में सौंदर्यीकरण

देहरादून: मुख्यमंत्री की प्रेरणा से राजधानी देहरादून के प्रमुख चौराहों का चेहरा पूरी तरह बदल गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में मात्र तीन माह की रिकॉर्ड अवधि में कुठाल गेट, साई मंदिर, दिलाराम चौक और घंटाघर का आधुनिकीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है।
जिलाधिकारी ने आज प्रातःकाल इन सभी स्थानों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कहा कि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए चार चौराहों का चौड़ीकरण कर राउंड अबाउट बनाए गए हैं। इसके साथ ही कुठालगेट और साई मंदिर तिराहे पर 10 मीटर चौड़ी अतिरिक्त स्लिप रोड का निर्माण किया गया है। विशेष बात यह है कि सभी चौराहों को पारंपरिक पहाड़ी शैली में डिजाइन करते हुए गढ़वाल और कुमाऊं की संस्कृति की झलक दिखाई गई है।
जिला प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए स्मार्ट सिटी के बजट से 10 करोड़ रुपए का प्राविधान किया है। डीएम बंसल ने बताया कि ज्वाइनिंग के दूसरे महीने से ही इस प्रोजेक्ट का डिजाइन, सर्वे और कॉन्सेप्ट तैयार कर लिया गया था। निर्माण के साथ-साथ तीन साल तक के रखरखाव का भी प्रावधान किया गया है।
इन चौराहों पर राज्य की सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शाने वाली कलाकृतियां, राज्य के महान व्यक्तित्वों की मूर्तियां और आंदोलनकारियों की स्मृतियों को प्रदर्शित किया जा रहा है। इससे देहरादून आने वाले पर्यटकों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के 11 प्रमुख जंक्शन पर ट्रैफिक लाइट लगाए गए हैं। पांच वर्षों में पहली बार मुख्य चौराहों पर पुलिस के सीसीटीवी कैमरे भी इंटीग्रेट किए गए हैं, जिससे सड़कों पर सुरक्षित यातायात की नियमित निगरानी की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारी भी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने कुठालगेट पर स्प्रिंग पोस्ट लगाने और शेष कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।