
देहरादून: शिक्षा विभाग में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर बड़ी अनियमितता उजागर हुई है। विभागीय जांच में सामने आया है कि 51 शिक्षक ऐसे प्रमाण पत्र के सहारे भर्ती हो गए, जो बाद में सत्यापन में फर्जी पाए गए।
राज्य हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित राज्य मेडिकल बोर्ड ने इन प्रमाण पत्रों की जांच की। बोर्ड की रिपोर्ट में कई प्रमाण पत्रों को अवैध घोषित किया गया, जिसके बाद मामला गंभीर रूप से सामने आया।
इसके आधार पर दिव्यांगजन न्यायालय आयुक्त के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने सभी अपात्र शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं देने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई संभव है।
सूत्रों के अनुसार, ये प्रमाण पत्र कई वर्ष पहले भर्ती प्रक्रिया के दौरान लगाए गए थे, लेकिन अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले की दोबारा जांच की गई, जिसमें बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वास्तविक दिव्यांग उम्मीदवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है।