Dehradun: एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना सहसपुर, नेहरू कालोनी द्वारा की गयी सर्वाधिक निरोधात्मक कार्यवाही !
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सोमवार, 13 जनवरी 2026 को पुलिस कार्यालय में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की, जिसमें वर्ष 2025 के दौरान जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस की उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना रहा, जिसके तहत एसएसपी ने नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल जेल भेजना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से अर्जित की गई अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उनकी कुर्की और जब्तीकरण की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। इस दिशा में पिछले वर्ष नेहरू कॉलोनी पुलिस द्वारा तीन और रायपुर पुलिस द्वारा दो बड़े अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिसे पूरे जनपद के लिए एक मानक के रूप में देखा जा रहा है।

समीक्षा बैठक के दौरान थानावार प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए एसएसपी ने कई थानों की कार्यप्रणाली की सराहना की, जिन्होंने गंभीर अपराधों के अनावरण में शत-प्रतिशत सफलता हासिल की है। विशेष रूप से नकबजनी की घटनाओं को सुलझाने में थाना रायपुर, पटेलनगर, क्लेमेंटाउन, राजपुर और सहसपुर का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है, जहां पुलिस ने दर्ज सभी मामलों का खुलासा किया। इसी तरह चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने में कैंट, डालनवाला, नेहरू कॉलोनी, रायपुर, डोईवाला, ऋषिकेश, रानीपोखरी और विकासनगर पुलिस ने 96 प्रतिशत से अधिक की सफलता दर दर्ज की है। वाहन चोरी के मामलों में डोईवाला पुलिस ने 18 में से 17 घटनाओं का अनावरण कर अपनी तत्परता दिखाई, जबकि कालसी पुलिस ने अपने क्षेत्र की सभी वाहन चोरियों को सुलझाने में कामयाबी पाई।

नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ के तहत वर्ष 2025 देहरादून पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धियों वाला रहा, जिसमें कुल 328 नशा तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया। इस कड़ी में थाना सहसपुर ने सर्वाधिक 38 और नेहरू कॉलोनी ने 30 अभियोग पंजीकृत किए। पुलिस की सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चार कुख्यात तस्करों को पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत जिला कारागार में निरुद्ध किया गया है, जबकि नौ अन्य पर यह कठोर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त आदतन अपराधियों की निगरानी के लिए 114 नई हिस्ट्रीशीट खोली गई हैं। संगठित अपराधों पर लगाम कसने के लिए एसएसपी ने बताया कि 31 अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की गई, जिसमें से 23 की गिरफ्तारी हुई और शेष ने पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते आत्मसमर्पण कर दिया।
सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के मोर्चे पर भी देहरादून पुलिस ने वर्ष 2025 में अभूतपूर्व सक्रियता दिखाई है। आंकड़ों के अनुसार, यातायात नियमों के उल्लंघन पर पिछले वर्ष की तुलना में करीब 50 प्रतिशत अधिक चालानी कार्यवाही की गई। सबसे चौंकाने वाला बदलाव ओवरस्पीडिंग के मामलों में दिखा, जहां कार्यवाही का ग्राफ 400 प्रतिशत तक बढ़ गया। ड्रंक एंड ड्राइव, रैश ड्राइविंग और ओवरलोडिंग के विरुद्ध भी पुलिस ने पहले के मुकाबले दोगुनी से अधिक सख्ती बरती है। एसएसपी ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें और जनता के साथ मधुर व्यवहार रखते हुए अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ बनाए रखें। बैठक के अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा।