
देहरादून (2 फरवरी 2026): उत्तराखंड की राजधानी देहरादून, जिसे शांत शहर माना जाता है, पिछले पांच दिनों में महिलाओं के खिलाफ हुए लगातार तीसरे जघन्य हत्याकांड से दहल उठी है। सोमवार को नगर कोतवाली क्षेत्र के व्यस्ततम मच्छी बाजार इलाके में दिनदहाड़े एक सिरफिरे आशिक ने 23 वर्षीय युवती की चापड़ से गर्दन काटकर निर्मम हत्या कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आक्रोशित व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया।

पुलिस की घोर लापरवाही: शिकायत पर कार्रवाई होती तो बच जाती जान इस हत्याकांड ने देहरादून पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका की पहचान गुंजन (23 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पिछले 5-6 सालों से दूल्हा मार्केट में एक दुकान पर काम करती थी। जानकारी के मुताबिक, आरोपी आकाश कुमार (27 वर्ष), निवासी खुड़बुड़ा मोहल्ला, काफी समय से गुंजन का पीछा कर रहा था। महज दो दिन पहले ही आकाश ने गुंजन को जान की धमकी दी थी, जिसकी शिकायत गुंजन ने खुड़बुड़ा पुलिस चौकी में दर्ज कराई थी।
हौसले बुलंद: आरोप है कि पुलिस ने शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस के इस ढीले रवैये से आरोपी के हौसले बुलंद हो गए और पुलिस का खौफ खत्म होने के कारण उसने आज इस जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया।
भरे बाजार में खूनी खेल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुंजन जैसे ही बाजार पहुंची, आरोपी आकाश ने उसे रोककर बातचीत की कोशिश की। विवाद बढ़ने पर आकाश ने अचानक पास रखे चापड़ से गुंजन की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गला इतनी बुरी तरह कटा कि वह वहीं गिर पड़ी। उसे तत्काल दून अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया है।
5 दिन में तीसरी हत्या से खौफ में दून देहरादून जिले में महिलाओं की सुरक्षा रामभरोसे नजर आ रही है। पिछले 5 दिनों में यह तीसरी हत्या है:
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आज (2 फरवरी): देहरादून शहर के बीचोंबीच मच्छी बाजार में गुंजन की गला रेतकर हत्या।
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31 जनवरी (ऋषिकेश): शिवाजी नगर में घर में अकेली रहने वाली महिला की गोली मारकर हत्या, आरोपी फरार।
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29 जनवरी (विकासनगर): 18 साल की छात्रा की बर्बरतापूर्वक हत्या। आरोपी ने नाक, कान, गला काटने के बाद सिर को पत्थर से कुचल दिया था। मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
लगातार हो रही इन वारदातों से राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं और जनता में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश है।