उत्तराखंड: दिल्ली बैठक विवाद, त्रिवेंद्र रावत को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा

उत्तराखंड : हरिद्वार के भाजपा सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को लेकर इन दिनों राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। विवाद का केंद्र दिल्ली में आयोजित हुई एक महत्वपूर्ण बैठक है, जहां कथित तौर पर उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति थी।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के दौरान त्रिवेंद्र सिंह रावत का अचानक वहां से चले जाना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे उनकी नाराजगी के संकेत के रूप में देख रहे हैं। इस घटना ने पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक न होने की अटकलों को हवा दी है।
स्थिति और भी दिलचस्प तब हो गई जब यह पता चला कि इस बैठक में हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत के अलावा पौड़ी सांसद अनिल बलूनी भी उपस्थित नहीं थे। कुछ राजनीतिक पंडितों ने इसे पार्टी में आंतरिक मतभेद का संकेत माना था।
हालांकि, अगले दिन जब त्रिवेंद्र रावत और अनिल बलूनी की प्रदेश महामंत्री दुष्यंत गौतम के साथ एक अलग तस्वीर सामने आई, तो इन अटकलों ने और भी जोर पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा हुई और विभिन्न प्रकार के सवाल उठाए गए।
इन तमाम चर्चाओं और सोशल मीडिया पर चल रही बहस के बाद उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए अंततः त्रिवेंद्र रावत को आगे आना पड़ा है। उन्होंने इन अटकलों पर अपनी प्रतिक्रिया देकर स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया है।https://www.facebook.com/share/v/15TVQTckew/