New Delhi

डीजीसीए ने एक साल में किए आठ घरेलू एयरलाइनों के 23 ऑडिट, मिलीं 263 खामियां

नई दिल्ली:देश की विमानन सुरक्षा निगरानी एजेंसी नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष में देश की आठ प्रमुख घरेलू एयरलाइनों के कुल 23 ऑडिट किए गए हैं। इन ऑडिट के दौरान कुल 263 खामियां सामने आई हैं, जिनमें से कई में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता थी।

टाटा समूह की एयरलाइनों में सबसे अधिक खामियां

आंकड़ों के अनुसार, इन कुल 263 खामियों में से सबसे अधिक 93 खामियां टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस में पाई गई हैं। इन निष्कर्षों में 19 स्तर-1 उल्लंघन भी शामिल हैं, जिन्हें गंभीर सुरक्षा जोखिम की श्रेणी में रखा जाता है।

स्तर-1 उल्लंघन वे खामियां हैं जिन्हें विमानन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। इनके लिए एयर ऑपरेटर को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करनी पड़ती है। इस प्रकार के उल्लंघन यात्री सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।

डीजीसीए का स्पष्टीकरण

डीजीसीए ने इस संदर्भ में स्पष्ट किया है कि जिन एयरलाइनों का संचालन व्यापक होता है और जिनके पास बड़ा विमान बेड़ा होता है, उनके लिए अधिक ऑडिट होना एक “सामान्य बात” मानी जाती है। यह स्पष्टीकरण विशेष रूप से एयर इंडिया की ऑडिट रिपोर्ट में बढ़ी हुई खामियों के संदर्भ में दिया गया है।

विमानन सुरक्षा की निगरानी

यह ऑडिट प्रक्रिया देश की विमानन सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए डीजीसीA द्वारा नियमित रूप से की जाती है। इससे एयरलाइनों को अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं में सुधार करने और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालन करने में मदद मिलती है।

डीजीसीए ने सभी संबंधित एयरलाइनों से कहा है कि वे पाई गई खामियों का तत्काल समाधान करें और भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए आवश्यक उपाय करें। विमानन सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

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