उत्तरकाशी

धराली आपदा: राहत कार्यों में तेजी, 55 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

धराली : उत्तरकाशी के धराली में बचाव कार्यों ने रफ्तार पकड़ी है। आपदा स्थल पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, फायर और राजस्व विभाग की टीमें दिन-रात राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। हेलिकॉप्टर सेवा के माध्यम से प्रातःकाल से ही आपदा ग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों को आईटीबीपी मातली पहुंचाने का काम निरंतर जारी है। आज सुबह 9 बजे तक 55 लोगों को सफलतापूर्वक आईटीबीपी मातली स्थानांतरित किया जा चुका है।

धराली

बचाव अभियान में हवाई सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। वायु सेना की ओर से दो चिनूक, दो एमआई-17 के अलावा यूकाडा के आठ हेलिकॉप्टर बचाव अभियान में तैनात हैं। चिनूक हेलिकॉप्टर के माध्यम से जौलीग्रांट एयरपोर्ट से जेसीबी, एक्सकैवेटर, डोजर, टिप्पर, जनरेटर समेत अन्य आवश्यक मशीनरी उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ पहुंचाई गई है, जहां से इन्हें हर्षिल भेजा जा रहा है। प्रभावित लोगों के लिए 2500 खाने के पैकेट भी हर्षिल पहुंचाए गए हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने बृहस्पतिवार को राज्य अधिकारियों के साथ धराली आपदा में बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा की। प्राधिकरण के विभागाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि एनडीएमए की ओर से रेस्क्यू अभियान की निगरानी की जा रही है और जो भी सहायता उत्तराखंड को चाहिए, वह तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि धराली में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र सरकार के स्तर से हर संभव आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार दूसरे दिन भी आपदा प्रभावित धराली और सैंजी क्षेत्र में ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहे। उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनके आंसू पोंछे और सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हर व्यक्ति को निकालने तक बचाव अभियान जारी रहेगा। इस दौरान उन्होंने बचाव एवं राहत कार्यों की निरंतर निगरानी की और अधिकारियों से लगातार अपडेट लेते रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अगले सप्ताह केंद्र की अंतर मंत्रालय टीम का दौरा होगा। इस टीम में विभिन्न मंत्रालयों के विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो नुकसान का जायजा लेने के साथ-साथ बचाव एवं राहत कार्यों की रणनीति भी तैयार करेंगे। इसके अतिरिक्त भागीरथी में बन रही झील से पानी की निकासी की निगरानी के लिए सेना और राज्य की संयुक्त टीम कार्य करेगी।

हाईवे की स्थिति के संबंध में भटवाड़ी के समीप 100 मीटर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त गंगोत्री नेशनल हाईवे को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है, लेकिन इससे 15 किलोमीटर आगे का पुल पूर्णतः ध्वस्त हो गया है। अस्थायी तौर पर यातायात व्यवस्था को सुचारू करने में एक दिन और लग सकता है। इसी कारण वर्तमान में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए हवाई सेवा ही एकमात्र विकल्प बना हुआ है।

 

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