दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का असर, हरिद्वार का कारोबार ठप।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से हरिद्वार का पर्यटन कारोबार काफी प्रभावित हुआ है. अब टूरिस्ट हरिद्वार को बाइपास कर आगे बढ़ जा रहे हैं.

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरुआती दौर में ही चरम पर पहुंच गई है. इसके अलावा गर्मियां बढ़ने पर अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन धर्मनगरी हरिद्वार में इस बार पहले जैसा उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है. यहां का पर्यटन से जुड़ा होटल, ढाबा और ट्रैवल कारोबार करीब चालीस फीसदी प्रभावित हुआ है. कारोबारी देहरादून दिल्ली एक्सप्रेसवे को इसका सबसे बड़ा कारण मान रहे हैं.हरिद्वार के पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि एक तो पहले ही खाड़ी देशों में युद्ध के चलते कारोबार कम चल रहा है, ऊपर से एक्सप्रेसवे खुलने से यात्रियों ने भी हरिद्वार को बाईपास कर दिया है. उन्होंने विकास और जनसुविधा के लिए एक्सप्रेसवे को सही बताया, लेकिन कारोबार प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार से टैक्स की दरों में राहत देने की मांग की है.
दरअसल एक्सप्रेसवे खुलने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर महज ढाई से तीन घंटे का ही रह गया है. बड़ी संख्या में दिल्ली, नोएडा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से यात्री उत्तराखंड आते हैं, जो पहले कई अधिकांश हरिद्वार से होकर ही गुजर थे, लेकिन अब समय बचाने के लिए यात्रियों ने पुराने नेशनल हाईवे की जगह एक्सप्रेसवे को अपना नया रास्ता बना लिया है. कारोबारियों के मुताबिक इसी के चलते चारधाम यात्रा के शुरुआत में हरिद्वार का फीसदी होटल खाली पड़े है.हरिद्वार के कारोबारियों की मानें तो पिछले साल की तुलना में इस साल कारोबार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. कारोबारियों के अनुसार इस साल चारधाम यात्रा शुरू करने के लिए बड़ी कम संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे हैं, जबकि चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार हरिद्वार को माना जाता है. यहां से गंगा स्नान और माया देवी मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद ही यात्री चारधाम यात्रा की शुरुआत करता है, लेकिन इस बार यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली है.