दिल्ली-एनसीआर में 4.4 तीव्रता का भूकंप, लोगों में दहशत

दिल्ली : दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। रिक्टर स्केल पर 4.4 की तीव्रता वाले इस भूकंप के झटके करीब 4 से 5 सेकंड तक महसूस किए गए, जिससे गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद सहित पूरे एनसीआर में लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर भागे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इस भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर जिले में 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर था।
दिल्ली-एनसीआर सीस्मिक जोन 4 में स्थित है, जो उच्च भूकंपीय गतिविधि वाले क्षेत्रों में गिना जाता है और यहां मध्यम से तीव्र तीव्रता के भूकंप आने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस क्षेत्र में हल्के झटके सामान्य हैं, लेकिन सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। वर्तमान में हो रही बारिश के कारण गीली और कमजोर हो चुकी दीवारों के चलते लोगों में डर और बढ़ गया है। हालांकि भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की कोई पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने भूकंप के दौरान के अपने अनुभव साझा किए। इंदिरापुरम में रहने वाली संयुक्ता ने बताया कि वह किचन में खाना बना रही थी जब उन्हें चक्कर सा महसूस हुआ। शुरू में उन्हें लगा कि शायद कमजोरी के कारण ऐसा हो रहा हो, लेकिन बाद में पता चला कि भूकंप आया था और सोसायटी में लोग घरों से बाहर आ गए। राधेश्याम चौधरी ने बताया कि वह बेड पर बैठकर नाश्ता कर रहे थे जब भूकंप के कारण उनका बेड आगे-पीछे हिलने लगा। उन्होंने तुरंत अपनी बहू को इसकी जानकारी दी। सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले मुन्ने सिंह ने बताया कि वह कुर्सी पर बैठे थे जब अचानक कुर्सी हिलने लगी और लोग सोसायटी में इमारत से बाहर आने लगे, तभी पता चला कि भूकंप आया है।
यह घटना दिल्ली-एनसीआर की भूकंपीय संवेदनशीलता को दर्शाती है और विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भूकंप के दौरान लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए। बारिश के मौसम में भूकंप की घटना ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है, लेकिन सभी को शांत रहकर सुरक्षा उपायों का पालन करना चाहिए।