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जासूसी मामला: यूट्यूबर ज्योति के राज खुल रहे, संपर्क में थे HSGPC कर्मी और पुरी की युवती

पाकिस्तान का करतारपुर दौरा भी संदेह के घेरे में

हरियाणा : जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के मामले में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच में पता चला है कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) का एक कर्मचारी और ओडिशा की पुरी की एक यूट्यूबर भी ज्योति के संपर्क में थे।

विशेष बात यह है कि पुरी की यूट्यूबर हाल ही में ज्योति के साथ पाकिस्तान के करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की यात्रा पर गई थी। ज्योति ने मार्च महीने में पाकिस्तान का दौरा किया था।

पुरी की यूट्यूबर से पूछताछ

हिसार पुलिस के सूत्रों के आधार पर ओडिशा के पुरी में यूट्यूबर प्रियंका सेनापति से शनिवार को जिरह की गई। पुलिस के अनुसार प्रियंका ज्योति की मित्र है और वह भी पाकिस्तान की यात्रा कर चुकी है।

ओडिशा पुलिस ने प्रियंका और ज्योति के बीच संभावित कनेक्शन की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। दोनों के बीच के रिश्ते और पाकिस्तान यात्रा के उद्देश्य को लेकर गहरी छानबीन की जा रही है।

एचएसजीपीसी कर्मचारी की लंबी पूछताछ

कुरुक्षेत्र निवासी हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक कर्मचारी से हिसार सीआईए ने विस्तृत पूछताछ की। इस कर्मचारी को लगभग 10-12 घंटे तक हिरासत में रखने के बाद रविवार दोपहर को छोड़ा गया।यह कर्मचारी ज्योति के संपर्क में था और पुलिस जानना चाहती है कि उनके बीच क्या बातचीत हुई थी और किस तरह का रिश्ता था।

लाइफस्टाइल से बड़े सवाल

हिसार के एसएसपी शशांक कुमार सावन ने रविवार को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ज्योति के यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो’ पर अपलोड किए गए वीडियोज से उसकी हाई-प्रोफाइल जीवनशैली का पता चलता है।

विदेशी यात्राओं में महंगे होटलों में रुकना, फर्स्ट क्लास फ्लाइट से सफर करना जैसी बातों से साफ होता है कि उसके खर्च उसकी ज्ञात आय से कहीं ज्यादा थे। यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि इतना पैसा कहां से आ रहा था।

पाकिस्तानी इंटेलिजेंस से कनेक्शन

जांच में सामने आया है कि ज्योति पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (पीआईओ) से जुड़े कई व्यक्तियों के संपर्क में थी। वह पाकिस्तानी दूतावास में आयोजित इफ्तार पार्टी में भी शामिल हुई थी।

इस इफ्तार पार्टी का वीडियो उसने अपने चैनल पर अपलोड किया था। वीडियो में ज्योति दानिश नामक व्यक्ति और उसकी पत्नी के साथ बातचीत करती दिखाई दे रही है। दिलचस्प बात यह है कि भारत सरकार ने इसी दानिश को 13 मई को जासूसी के आरोप में वापस पाकिस्तान भेज दिया था। पहलगाम हमले से पहले ज्योति पाकिस्तान और चीन की यात्रा कर चुकी थी। यह टाइमिंग संदेह को और गहरा बनाती है।

एजेंसियों के रडार पर

एसएसपी के मुताबिक बार-बार पाकिस्तान जाना और वहां की इंटेलिजेंस से जुड़े लोगों से मिलना-जुलना ज्योति को सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर ले आया था। इसी आधार पर उसे हिरासत में लिया गया है।

अब जांच की जा रही है कि वह किन-किन देशों में गई और उसका वास्तविक मकसद क्या था। सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए उसके वीडियो से भी सुराग खोजे जा रहे हैं।

डिजिटल फॉरेंसिक्स जांच

ज्योति के मोबाइल फोन और लैपटॉप की गहरी फॉरेंसिक जांच चल रही है। उसके कॉल रिकॉर्ड और बैंक अकाउंट के लेन-देन की जांच के लिए साइबर सेल के अलावा केंद्रीय जांच एजेंसियों की सहायता ली जा रही है।

पुलिस का कहना है कि ज्योति कई बार पाकिस्तान और एक बार चीन गई है। उसकी शानो-शौकत भरी जिंदगी को देखते हुए यह भी जांचा जा रहा है कि उसे फंडिंग कहां से मिल रही थी।

पीआईओ का नया हथकंडा

एसएसपी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के पास जानकारी थी कि कई पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। इनका मकसद इन इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से अपना एजेंडा फैलाना है।ज्योति मल्होत्रा भी इसी रणनीति का शिकार हुई और पाकिस्तानी एजेंटों के जाल में फंस गई। अब पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

पुलिस का कहना है कि दो-तीन दिन में ज्योति से काफी अहम जानकारियां हासिल कर लेंगे। उसके सहयोगियों और कनेक्शन की गहरी जांच जारी है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इसमें कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

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