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आखिरी विदाई में नम हुईं आंखें: पहलगाम हमले में शहीद सुशील नथानियल का इंदौर में अंतिम संस्कार, मां और पत्नी बिलख-बिलख कर रोती रहीं

इंदौर/जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले इंदौर निवासी सुशील नथानियल को गुरुवार को नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई। वीणा नगर स्थित उनके निवास से शुरू हुई अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। अंतिम संस्कार ईसाई रीति-रिवाजों के अनुसार जूनी इंदौर कब्रिस्तान में किया गया।

अंतिम संस्कार से पहले नंदा नगर चर्च में एक प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जहां परिजनों और परिचितों ने सुशील को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एक भावुक क्षण तब देखने को मिला, जब उनकी मां और पत्नी ताबूत से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। सुशील की पत्नी जेनिफर तो बार-बार बेसुध हो रहीं थीं। यह मंजर देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

22 अप्रैल को आतंकी हमले में हुए थे शहीद
एलआईसी की आलीराजपुर शाखा में कार्यरत 55 वर्षीय सुशील नथानियल अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने कश्मीर गए थे। 22 अप्रैल को दोपहर करीब 2:45 बजे बायसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस हमले में 27 लोगों की जान गई, जिनमें सुशील भी शामिल थे। उनकी बेटी आकांक्षा भी इस हमले में घायल हुई हैं। वे सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुशील की पत्नी जेनिफर खातीपुरा स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं, जबकि उनका बेटा ऑस्टिन एक होनहार बैडमिंटन खिलाड़ी है। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। पारिवारिक मित्रों और जानने वालों के मुताबिक, सुशील एक बेहद शांत और विनम्र स्वभाव के व्यक्ति थे।

मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
बुधवार रात जब सुशील का पार्थिव शरीर विशेष विमान से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचा, तब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में सरकार द्वारा हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

जोबट से था मूल संबंध, इंदौर बना था ठिकाना
सुशील मूल रूप से मध्य प्रदेश के जोबट क्षेत्र के निवासी थे, लेकिन लंबे समय से अपने परिवार के साथ इंदौर में रह रहे थे। उनके अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्रीय नागरिक, रिश्तेदार, मित्र और सहकर्मी बड़ी संख्या में पहुंचे। शहर में शोक की लहर है और लोग आतंकवाद के इस नृशंस चेहरे से बेहद आहत हैं।

आतंक के खिलाफ उठी आवाजें
सुशील नथानियल की शहादत ने एक बार फिर देश को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया से लेकर शहर की गलियों तक, आतंकवाद के खिलाफ गुस्सा साफ देखा जा सकता है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और ऐसी घटनाओं को दोहराने से रोका जाए।

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