
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के प्रसिद्ध कुमाऊंनी लोकगायक दीवान सिंह कनवाल का बुधवार तड़के निधन हो गया। उन्होंने अल्मोड़ा के खत्याड़ी स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से कुमाऊंनी लोक संगीत जगत और क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर फैल गई है।
65 वर्षीय दीवान सिंह कनवाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से उत्तराखंड के लोकसंगीत को अपूरणीय क्षति हुई है। कुमाऊं क्षेत्र में उन्हें “कुमाऊं के उदित नारायण” के नाम से भी जाना जाता था।
दीवान सिंह कनवाल ने अपने गीतों के माध्यम से कुमाऊंनी लोकसंस्कृति और परंपराओं को नई पहचान दिलाई। उनके कई लोकगीत उत्तराखंड में बेहद लोकप्रिय रहे और लोगों के बीच आज भी खास स्थान रखते हैं।
उनके निधन की खबर मिलते ही संगीत जगत के कलाकारों, प्रशंसकों और क्षेत्रीय लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दीवान सिंह कनवाल ने अपने गीतों से कुमाऊंनी लोकसंगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनका जाना उत्तराखंड के सांस्कृतिक जगत के लिए बड़ी क्षति है।