आखिरकार दमुवाढूंगा के लोगों का सपना हुआ पूरा: सीएम धामी ने दिया बड़ा तोहफा

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन भूमि पर बसे दमुवाढूंगा के हजारों निवासियों का दशकों पुराना सपना पूरा करते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सीएम धामी के निर्देश पर दमुवाढूंगा क्षेत्र का डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (DGPS) सर्वे कराया जाएगा, जिससे यहां के निवासियों को अपनी जमीन और मकानों का मालिकाना हक मिल सकेगा।
राज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, उत्तर प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम 1901 की धारा 48 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह घोषणा की गई है कि अधिसूचना के गजट में प्रकाशन की तिथि से दमुवाढूंगा ग्राम सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियाओं के अधीन आएगा। इस फैसले से फॉरेस्ट लैंड पर बसे दमुवाढूंगा के रेवेन्यू एरिया घोषित होने का रास्ता साफ हो गया है।
दमुवाढूंगा के निवासी दशकों से अपनी जमीन और घरों के मालिकाना हक की मांग कर रहे थे। वन भूमि पर बसा यह क्षेत्र लंबे समय से कानूनी अधिकारों की समस्या से जूझ रहा था, जिससे यहां के लोग न तो अपनी संपत्ति का पूर्ण उपयोग कर पा रहे थे और न ही बैंक से लोन जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते थे। अब DGPS सर्वे के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति की जमीन का सटीक मापन किया जाएगा और उन्हें वैध दस्तावेज प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस निर्णय से दमुवाढूंगा के निवासियों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उनके लिए एक ऐतिहासिक दिन है जब उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन का कानूनी अधिकार मिलने की उम्मीद जगी है। DGPS सर्वे एक आधुनिक तकनीक है जो सैटेलाइट के माध्यम से जमीन की सटीक माप करती है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की संभावना नहीं रहती।
इस फैसले से न केवल दमुवाढूंगा के लोगों को राहत मिली है बल्कि राज्य के अन्य ऐसे क्षेत्रों के लिए भी यह एक मिसाल बनेगा जहां लोग मालिकाना हक की समस्या से जूझ रहे हैं। सर्वे पूरा होने के बाद यहां के निवासियों को नियमित भूमि रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा और उन्हें पट्टे के साथ-साथ अन्य सभी कानूनी अधिकार प्राप्त होंगे।
सीएम धामी की यह पहल उत्तराखंड सरकार की जनहितैषी नीतियों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो दिखाता है कि सरकार आम जनता की समस्याओं के प्रति कितनी संवेदनशील है। दमुवाढूंगा के लोगों का यह लंबा इंतजार अब जल्द ही समाप्त होने वाला है।