राम मंदिर में ध्वजारोहण: बटन दबाते ही मंदिर के शीर्ष पर पहुंचा ध्वज, प्रधानमंत्री हुए भावुक; साधु-संतों की आँखें नम

अयोध्या में राम मंदिर का ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह सम्पन्न हो गया। समारोह के दौरान पूरा परिसर धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। ध्वजारोहण के शुभ मुहूर्त में प्रधानमंत्री ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत बटन दबाकर ध्वज चढ़ाने की शुरुआत की। बटन दबाते ही ध्वज धीरे-धीरे ऊपर उठता हुआ मुख्य शिखर पर स्थापित हो गया।
ध्वज के ऊपर चढ़ने की प्रक्रिया के दौरान प्रधानमंत्री पूरी एकाग्रता के साथ उसे निहारते रहे। इस क्षण में वे भावुक दिखाई दिए। ध्वज के शीर्ष पर स्थापित होते ही परिसर ‘जय राम’ के उद्घोष से गूँज उठा। उपस्थित साधु-संत भी इस आध्यात्मिक वातावरण से अभिभूत होकर भावुक हो उठे।
जैसे ही केसरिया ध्वज पवन के साथ लहराने लगा, श्रद्धालुओं में उत्साह और आनंद का संचार हो गया। बड़ी संख्या में मौजूद भक्तों ने इस ऐतिहासिक पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। पूरे परिसर में दीप, घंटों की ध्वनि और मंत्रोच्चार की गूँज माहौल को और अधिक दिव्य बनाती रही।
इस अवसर को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी अत्यंत कड़ी रखी गई। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने मिलकर ध्वजारोहण कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और भव्य रूप से सम्पन्न कराया। अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों को इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया था, जबकि शहर भर में विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों ने भी कार्यक्रम से जुड़े आयोजन किए।
राम मंदिर में ध्वज की स्थापना को मंदिर निर्माण यात्रा के एक और महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है। ध्वजारोहण के साथ ही अयोध्या ने एक और ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर सदियों पुरानी श्रद्धा के भाव को नई ऊँचाई प्रदान की।