
उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का आकस्मिक निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। दिवाकर भट्ट राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और सक्रिय चेहरा रहे हैं तथा उन्होंने अपने कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
राज्य सरकार ने उनके निधन को गम्भीर क्षति बताते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि दिवाकर भट्ट के सम्मान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत निम्नलिखित निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों में शामिल हैं:
दिवाकर भट्ट के सम्मान में सरकारी कार्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुसार शोक प्रोटोकॉल लागू करना।
उनके अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में राज्य सरकार का विधिवत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना।
शोकावधि के दौरान सरकारी कार्यक्रमों में आवश्यकतानुसार सादगी बरती जाए।
सरकार ने कहा कि दिवाकर भट्ट का निधन राज्य के लिए बड़ी क्षति है और उनकी सार्वजनिक सेवाओं को हमेशा स्मरण किया जाएगा।
राजनीतिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम जनता ने भी दिवाकर भट्ट के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।