
उत्तरकाशी: मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से मिलने जा रहे पूर्व विधायक Bhim Lal Arya को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद मामला तूल पकड़ गया। इसके विरोध में पूर्व विधायक ने प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार, स्थानीय विधायक और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
भीम लाल आर्य ने बताया कि वह क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। इतना ही नहीं, उनके आवास पर भी भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक होने के बावजूद उन्हें सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिलखी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का शिलान्यास किसी सरकार की कृपा से नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के लंबे समय से चले आ रहे जनआंदोलन का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए वर्षों से संघर्ष कर रही थी, जिसके दबाव में सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।
पूर्व विधायक ने प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया और कहा कि जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।