विदेश

मिडिल ईस्ट में महाजंग का चौथा दिन: ईरान में अब तक 787 मौतें, अयातुल्ला खामनेई के निधन के बाद संघर्ष हुआ तेज.

तेहरान/रियाद: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़ा सैन्य संघर्ष मंगलवार को अपने चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। इस युद्ध ने अब एक विनाशकारी रूप ले लिया है, जिससे न केवल मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) बल्कि पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस भीषण संघर्ष में अब तक 787 लोगों की जान जा चुकी है।

ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामनेई के निधन के बाद ईरान और पश्चिमी ताकतों के बीच सीधा टकराव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई को आक्रामक बनाते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइली शहरों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागनी शुरू कर दी हैं। इन हमलों में अमेरिका और इजराइल को भी जान-माल का भारी नुकसान होने की खबरें हैं।

​रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला

​युद्ध की आग अब पड़ोसी देशों तक भी फैलने लगी है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया गया है। हमले के बाद दूतावास परिसर में भीषण आग लग गई। हालांकि, इस घटना में हताहतों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जगत में हड़कंप मचा दिया है।

​ईरान का रुख: ‘गरिमा के साथ बातचीत को तैयार’

​भीषण गोलाबारी और तबाही के बीच शांति की एक धुंधली किरण भी दिखाई दी है। दिवंगत अयातुल्ला खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने एक साक्षात्कार में कहा:

​”ईरान युद्ध को और खींचना नहीं चाहता। हम बातचीत की मेज पर आने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह बातचीत पूरी तरह से ईरान की गरिमा और सम्मान के साथ होनी चाहिए।”

​वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

​इस युद्ध का चौतरफा दुष्परिणाम दिखने लगा है:

​तेल की कीमतें: कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए उछाल ने भारत समेत दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है।

​हवाई सेवाएं: मिडिल ईस्ट का हवाई क्षेत्र (Airspace) असुरक्षित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग बदल दिए गए हैं, जिससे यात्रा समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।

​सप्लाई चेन: तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का माहौल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 24 घंटों में कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, तो यह संघर्ष एक पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो सकता है, जिसके परिणाम पूरी मानवता के लिए घातक होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!