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जन-जन के द्वार पहुंची सरकारः सुदूरवर्ती गांव त्यूनी में प्रशासन ने सुनीं जन समस्याएं.

प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत बुधवार को चकराता ब्लॉक की सुदूरवर्ती क्षेत्र राजकीय इंटर कॉलेज त्यूनी में उप जिलाधिकारी प्रेम लाल की अध्यक्षता में जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया तथा विभागीय योजनाओं के माध्यम से 761 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया।

एसडीएम ने कहा कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान से सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को इन शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं से मौके पर ही लाभान्वित किया जाए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका प्राथमिकता पर निस्तारण हो। एसडीएम ने कहा कि शिविरों में लोगों के सभी जरूरी प्रमाण पत्र भी बनाए जा रहे हैं।

शिविर में मुख्य रूप से पानी, बिजली, पीएम आवास योजना, अवैध खनन और अतिक्रमण जैसे मुद्दे हावी रहे।

सबसे अधिक नाराजगी राजस्व और विकास कार्यों को लेकर दिखी। राजस्व विभाग की 12 और ग्राम विकास विभाग की 09 शिकायतें दर्ज हुईं। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (PWD) और जल संस्थान की 5-5, वन विभाग की 4, शिक्षा और उद्यान विभाग की 3-3, तथा पुलिस विभाग की 2 शिकायतें आईं। पूर्ति, विद्युत और बाल विकास विभाग से जुड़ी 1-1 समस्या सामने आई।

20 साल से न्याय की आस में गंगा राम शिविर में ग्राम अणु के निवासी गंगा राम की व्यथा ने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि अणु-चिल्हाड़ मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान उनकी कृषि भूमि क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन बीते 20 वर्षों से उन्हें इसका मुआवजा (प्रतिकर) नहीं मिला है। इस पर एसडीएम ने PWD चकराता के अधिकारियों को तत्काल पत्रावली का निरीक्षण कर भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

वहीं, धामिच गांव के मोर सिंह और दलिप सिंह ने बताया कि सीएम की घोषणा के बावजूद वन भूमि हस्तांतरण न होने से सड़क का काम अटका पड़ा है। अधिकारियों ने इसे जल्द सुलझाने का भरोसा दिलाया।

संदिग्ध मौत और अतिक्रमण पर आक्रोश शिविर का माहौल तब गंभीर हो गया जब भूठ क्षेत्र में निर्माण कार्यों के दौरान तीन युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला उठा। पीड़ित परिजनों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने जानकारी दी कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब ‘राजस्व पुलिस’ से हटाकर ‘नियमित पुलिस’ (Regular Police) को सौंप दी गई है।

इसके अतिरिक्त, पूर्व प्रधान लायक राम शर्मा ने त्यूणी-मोरी-हनोल मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन भूमि कटिंग का उचित मुआवजा मिलना चाहिए।

अवैध कारोबार और अन्य मुद्दे पूर्व प्रधान रमेश डोभाल ने मेंद्रथ क्षेत्र में अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल बेचने की शिकायत की, जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई की बात कही। वहीं, वन विभाग द्वारा भवन निर्माण की ‘माफी’ निरस्त न करने का मुद्दा एससी-एसटी मोर्चा के अध्यक्ष प्रभाकर जोशी ने उठाया, जिसे डीएफओ विभु चौहान ने एक हफ्ते में निपटाने का आश्वासन दिया

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