बालगंगा घाटी में खुलेगा हथकरघा प्रशिक्षण केन्द्र, महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा: राज्यमंत्री वीरेन्द्र दत्त सेमवाल.

टिहरी/घनसाली। उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के राज्यमंत्री वीरेन्द्र दत्त सेमवाल ने विभागीय कार्यक्रम के अंतर्गत टिहरी जनपद के सीमांत गांव गेवाली का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
ग्रामीणों ने अवगत कराया कि वे अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर विगत पांच दिनों से अनशन पर हैं। राज्यमंत्री सेमवाल ने विषय को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर अवगत कराने तथा शासन के संज्ञान में लाने की बात कही, ताकि उचित स्तर पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।

भ्रमण के दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। इस अवसर पर राज्यमंत्री वीरेन्द्र दत्त सेमवाल ने बताया कि बालगंगा घाटी के दूरस्थ गांवों में शीघ्र ही एक प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जिसका केन्द्र कुंडियाली (विनकखाल) रहेगा। इस केन्द्र में स्थानीय महिलाओं को हथकरघा एवं हस्तशिल्प के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश सरकार की “वोकल फॉर लोकल” एवं “आत्मनिर्भर भारत” की भावना को सशक्त करते हुए सीमांत क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करेगी।
राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर समाजसेवी दर्शन लाल विभाग प्रतिनिधि हयात सिंह कंडारी पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत शैलेन्द्र रावत जी, पंकज भट्ट सहित विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।