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हापुड़: 1 साल के बेटे ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि, मंजर देख फफक पड़े DM; बलिदानी रिंखिल पंचतत्व में विलीन.

हापुड़/भटैल (24 जनवरी 2026): जम्मू के डोडा में सड़क हादसे में बलिदान हुए उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी जवान रिंखिल बालियान का पार्थिव शरीर शनिवार को जब उनके पैतृक गांव भटैल पहुंचा, तो हर आंख नम हो गई। भारत माता के जयकारों के बीच पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन श्मशान घाट पर एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने वहां मौजूद हजारों लोगों का कलेजा चीर दिया।

मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि, DM भी रो पड़े रिंखिल को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा था। सबसे भावुक पल वह था जब बलिदानी के मात्र 1 साल के मासूम बेटे राघव को गोद में लेकर छोटे भाई ऋषभ ने बड़े भाई की चिता को मुखाग्नि दिलवाई। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर पत्थर दिल भी पिघल गए। मौके पर मौजूद हापुड़ के जिलाधिकारी (DM) अभिषेक पांडेय खुद को रोक नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू छलक आए। एसपी ज्ञानंजय सिंह और विधायक भी भावुक नजर आए।

इंतजार में पथराईं आंखें खराब मौसम के कारण रिंखिल का पार्थिव शरीर शुक्रवार को गांव नहीं आ सका था। शनिवार सुबह करीब 9 बजे जैसे ही सेना के ट्रक से तिरंगे में लिपटा शव गांव पहुंचा, पत्नी रिंकी और मां मंजू गश खाकर गिर पड़ीं। पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई।अंतिम यात्रा जिन गलियों से गुजरी, वहां पैर रखने की जगह नहीं थी। गांव की महिलाएं छतों पर खड़ी होकर अपने लाडले को नम आंखों से विदा कर रही थीं। पूरा गांव “जब तक सूरज चांद रहेगा, रिंखिल तेरा नाम रहेगा” के नारों से गूंज उठा।

 

 

 

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