
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ रविवार सुबह गंगा में नहाने के दौरान गाजियाबाद से आए दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। प्रशासन द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड को नजरअंदाज कर प्रतिबंधित और गहरे पानी वाले क्षेत्र में उतरना दोनों के लिए काल बन गया।

परिवार के साथ आए थे घूमने
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन निवासी बृजेश कुमार त्रिपाठी (43 वर्ष) और सचिन त्यागी (39 वर्ष) अपने परिवारों के साथ हरिद्वार घूमने आए थे। रविवार (5 अप्रैल) की सुबह दोनों दोस्त रोड़ी बेलवाला स्थित दूधियावन बीट में ठोकर नंबर-1 के पास गंगा स्नान के लिए गए। नहाने के दौरान वे अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए और देखते ही देखते तेज बहाव में लापता हो गए।
एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी और नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा भारी पुलिस बल और जल पुलिस के गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे। करीब सवा घंटे तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने दोनों के शवों को गंगा की गहराई से बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा, जहाँ पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है।
चेतावनी को किया दरकिनार
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वह स्नान के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित और असुरक्षित क्षेत्र है। वहां प्रशासन की ओर से स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं कि ‘यहाँ स्नान करना सख्त मना है’। इसके बावजूद दोनों दोस्त नियमों की अनदेखी कर गहरे पानी में उतर गए।
मृतकों का विवरण:
बृजेश कुमार त्रिपाठी (पुत्र राजनाथ त्रिपाठी), उम्र 43 वर्ष।
सचिन त्यागी (पुत्र जगजीत सिंह त्यागी), उम्र 39 वर्ष।
दोनों ही राजनगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद के निवासी थे।
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने इस दुखद घटना के बाद एक बार फिर पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे गंगा स्नान के लिए केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों का ही उपयोग करें। जंजीरों को पकड़कर ही स्नान करें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की जनहानि को रोका जा सके।