
रुड़की/हरिद्वार (2 फरवरी 2026): हरिद्वार जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र स्थित बिनारसी गांव में रविवार (1 फरवरी) को संत रविदास अवसर पर आयोजित शोभायात्रा खूनी संघर्ष में बदल गई। प्रसाद वितरण के दौरान एक ही समुदाय के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प, पथराव और फायरिंग में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। घटना के बाद से गांव में भारी तनाव है, जिसके चलते पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 40 लोगों को हिरासत में लिया है।
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जानकारी के मुताबिक, रविवार को बिनारसी गांव में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई जा रही थी। शोभायात्रा संपन्न होने के बाद जब प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चल रहा था, तभी दो पक्षों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि पहले दोनों तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चले और फिर फायरिंग शुरू हो गई।
दोनों गुटों के एक-एक व्यक्ति की मौत इस खूनी संघर्ष में रविवार दिन में ही एक युवक आनंद (28 वर्ष, पुत्र लक्ष्मीकांत) की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं, इस हिंसा में गंभीर रूप से घायल दूसरे गुट के व्यक्ति मांगेराम ने भी रविवार देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह मृतकों की कुल संख्या दो हो गई है।
पुलिस छावनी बना गांव, SSP का सख्त संदेश घटना के बाद बिनारसी गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लॉ एंड ऑर्डर तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। पुलिस दोनों पक्षों की तरफ से तहरीर ले रही है, जिसके बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।